जिला अस्पताल में मरीजों का परीक्षण करते चिकित्सक।
संतकबीरनगर। इन दिनों वायरल बुखार का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। अब वायरल बुखार में सर्दी-जुकाम जैसी ही समस्या नहीं, डेंगू और मलेरिया जैसे लक्षण भी दिख रहे हैं। लेकिन जांच रिपोर्ट में दोनों की पुष्टि नहीं हो रही है। डाॅक्टरों का कहना है कि वायरल संक्रमण का स्वरूप बदला है, पर चिंता की कोई बात नहीं है। समय पर इलाज कराने से दिक्कत जल्द दूर हो जा रही है।
जिला अस्पताल में मंगलवार को 1400 मरीजों ने ओपीडी में पर्ची कटवाया। इसके साथ ही चिकित्सकों से परामर्श लिया। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि आम दिनों की अपेक्षा इधर मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। अस्पताल में रोजाना 80 से अधिक मरीज वायरल के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें मरीजों को तेज बुखार और सांस की गंभीर तकलीफ होती है। संक्रमण दूर होने में आठ से 10 दिन तक लग जाते हैं।
मरीजों को तेज बुखार, पूरे शरीर में दर्द, सिरदर्द, थकान और सांस लेने में दिक्कत जैसी परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। कई मरीजों ने आंखों के पीछे दर्द और अत्यधिक कमजोरी की शिकायत भी दर्ज कराई है। ये सभी लक्षण डेंगू और मलेरिया से मिलते-जुलते हैं लेकिन जब जांच कराई जाती है तो रिपोर्ट नॉर्मल आती है।
उन्होंने बताया कि मौसमी बदलाव और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता की वजह से वायरल बुखार का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। लोग स्वच्छ पानी का सेवन करें और घर-आसपास मच्छरों को पनपने न दें। यदि तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ या शरीर में लगातार दर्द जैसी परेशानी हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं।