बदलते मौसम का का दिखने लगा असर, पानी की कमी बन रही वजह
संतकबीरनगर। जिले में मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर अब लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। तेज गर्मी, उमस, पुरवा हवा और बीच-बीच में हो रहे मौसम परिवर्तन के कारण जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। शनिवार को ओपीडी में 540 मरीज जांच कराने पहुंचे। इसमें डायरिया, पीलिया, खांसी, डिहाइड्रेशन, बुखार, सर्दी-जुकाम और त्वचा संबंधी रोगों के मरीज शामिल रहे।
चिकित्सकों के अनुसार गर्म हवाओं और अत्यधिक पसीना निकलने के कारण शरीर में पानी की कमी तेजी से हो रही है, जिससे लोग डिहाइड्रेशन की चपेट में आ रहे हैं। वहीं बदलते मौसम के कारण वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। वर्तमान में बुखार से पीड़ित मरीजों को ठीक होने में तीन से पांच दिन तक का समय लग रहा है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. उमेश चंद्रा ने बताया कि कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। सर्दी, जुकाम और बुखार जैसी समस्याएं तेजी से फैल रही हैं। उन्होंने लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और संतुलित आहार लेने की सलाह दी।
चिकित्सक डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी में लगातार सर्दी-जुकाम, बुखार और अन्य संक्रमण जनित बीमारियों के मरीज पहुंच रहे हैं। मौसम में अचानक गर्मी और नमी बढ़ने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे लोग विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।
चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एसबी गौतम ने बताया कि इस मौसम में त्वचा संबंधी रोगों के मामलों में भी तेजी से वृद्धि हुई है। घमौरियां, खुजली, फंगल संक्रमण, दाद और एलर्जी जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। उन्होंने सलाह दी कि लोग हल्के और सूती कपड़े पहनें, अधिक धूप में निकलने से बचें। शरीर को साफ और सूखा रखें। विशेष रूप से काले या गहरे रंग के कपड़े धूप में अधिक गर्मी अवशोषित करते हैं, जिससे त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।