- पिछले दस दिनों से 85 बकरियों के मरने पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर जताई थी नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। क्षेत्र के अमरडोभा गांव में 10 दिनों से 85 बकरियों की मौत व ग्रामीणों के प्रदर्शन की खबर प्रकाशित होने के बाद पशु विभाग जागा। शुक्रवार को पशु विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर जिंदगी और मौत से जूझ रही है बकरियों का इलाज किया और पशुपालकों को जरूरी सुझाव दिए। इसके बाद ग्रामीण संतुष्ट दिखे।
ग्रामीण लगातार इसकी मौखिक सूचना पशु विभाग को दे रहे थे। लेकिन पशु विभाग मामले को अनसुना कर रहा था। इसके बाद ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को गांव में प्रदर्शन कर पशुपालन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। शुक्रवार के अंक में अमर उजाला में बकरियों की मौत से नाराज ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन शीर्षक से खबर प्रकाशित किया। इसके बाद डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने मामले का संज्ञान लेते हुए पूरे मामले को तत्काल पशुपालन विभाग को आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा।
शुक्रवार को सुबह पशुपालन विभाग की टीम अमरडोभा में पहुंची। वहां एक-एक करके 18 पशुपालकों के 70 बकरियों की जांच की गई। पशु पालकों से बकरियों को होने वाले समस्याओं को पूछा गया। चिकित्सकों ने कहा कि तीन दिन तक गांव के सभी पशुओं की जांच के लिए कैंप लगाया जाएगा। पशु पालन विभाग ने कीटनाशक दवा का वितरण भी किया। ग्रामीणों से कहा किसी तरह की संक्रामक बीमारी की अंदेशा होने पर तुरंत विभाग को अवगत कराएं। स्वस्थ पशुओं को बीमार पशुओं से दूर रखने सलाह भी दी। ग्रामीणों ने इसके लिए अमर उजाला अखबार को धन्यवाद भी दिया। कैंप में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुजीत सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रामकुमार, पशुधन प्रसार अधिकारी कृष्णगोपाल राय, ओम प्रकाश याद आदि मौजूद रहे।