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नहीं मिले वाहन, पैदल ही गंतव्य को रवाना हुए यात्री

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सवारी न मिलने के कारण परेशान रहे यात्री। - फोटो : KHALILABAD
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नहीं मिले वाहन, पैदल ही गंतव्य को रवाना हुए यात्री
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- मुंबई, शिमला, हरिद्घार आदि शहरों से घर लौट रहे थे लोग
- मेंहदावल बाईपास, बिधियानी मोड़, रेलवे स्टेशन आदि जगहों पर वाहनों की इंतजार में दिखे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण के खतरे से बचाव के लिए जनता कर्फ्यू का असर समूचे जनपद में देखने को मिला। शहर से लेकर प्रमुख बाजारों, कस्बों में दुकानें पूरी तरह बंद रही। जबकि खलीलाबाद शहर में इक्का- दुक्का मेडिकल स्टोर खुले रहे। डीएम, एसपी के अलावा एसडीएम व सीओ और एसओ की गाड़िया क्षेत्र में भ्रमणशील रहे। जहां कहीं कोई चौराहे पर घूमते दिखा, उसे पुलिस समझा कर घरों को भेजी। इधर दूर-दराज से आए लोगों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए कोई प्राइवेट साधन नहीं मिला तो वे पैदल ही निकल पड़े।
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महुली क्षेत्र के अजाव गांव के रहने वाले दीपक हरिद्वार में एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। वह हरिद्वार से घर वापस लौट रहे थे। उन्हें कोई साधन नहीं मिला तो वह पैदल ही निकल पड़े। मैनसिर चौराहे पर वे खड़े थे। उसी दौरान सिसवा बाबू निवासी सौरभ उन्हें मिल गए। सौरभ बताए कि वह शिमला में पढ़ाई करते है। कोई साधन नहीं मिला तो पैदल ही गांव जा रहे हैं। धनघटा क्षेत्र के औराडाड़ निवासी शशि मुंबई से कमा कर लौट रहे थे। उन्हें भी पैदल ही घर जाना पड़ा। सिरसी के सोमनाथ लुधियाना से लौट रहे थे। रीठीजोज के ननकू मुंबई में रहते है। पहले दिल्ली आए और फिर वहां से घर लौट रहे थे। महुली के महफूज मुंबई से लौट रहे थे। सभी को एक साथ मैनसिर चौराहे पर देख कर एसओ महुली प्रदीप सिंह की गाड़ी रुक गई। एसओ प्रदीप सिंह ने सभी से पूछताछ की। उन्हें कोरोना से बचाव के तरीके बताए और कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखने की सलाह दी। उसके बाद सभी यात्री अपने-अपने घरों को चले गए। खलीलाबाद के बिधियानी टैक्सी स्टैंड के पास, रेलवे स्टेशन रोड़, मेंहदावल बाईपास आदि जगहों पर यात्री वाहनों के इंतजारी में पहले रुके लेकिन जब कोई साधन नहीं मिला तो वे पैदल ही घर को रवाना हो गए।
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