संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। शुक्रवार को रोडवेज बस से कुचलकर हुई पांच साल के दिव्यांशु उर्फ झीनक की मौत पर परिजन ने शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद हंगामा शुरू कर दिया। शव घर पहुंचते ही परिजन में चीख-पुकार मच गई। गुस्साए परिजन बच्चे का शव लेकर रोडवेज बस स्टेशन के मुख्य गेट पर पहुंचे और मेंहदावल-खलीलाबाद मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया।
नगर के ठाकुरद्वारा मोहल्ला निवासी राजदेव का पांच वर्षीय बेटा दिव्यांशु शुक्रवार दोपहर खेलते हुए बस स्टेशन परिसर में चला गया था, जहां गोरखपुर डिपो की अनुबंधित बस से कुचल कर उसकी मौत हो गई थी। शनिवार को पोस्टमार्टम हाउस से शव मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। आक्रोशित परिजन ने बस स्टेशन के सामने सड़क पर शव रख दिया।
उनका कहना था कि प्रशासन गरीब परिवार की मदद नहीं कर रहा है। परिजन ने चार सूत्री मांगें रखीं, जिसमें परिवार को 20 लाख का मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी, जमीन का पट्टा और पीएम आवास शामिल है। इससे पहले भी परिजन ने शुक्रवार को दो बजे से शाम सात बजे तक रोडवेज तिराहे पर जाम लगाया था। उस दौरान विधायक अनिल त्रिपाठी ने वार्ता के दौरान आश्वासन दिया और धरना समाप्त कराया था।
इसके बाद पुलिस ने मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। शव का शनिवार को पोस्टमार्टम हुआ और उसके शव परिजन को सौंपा गया। शनिवार को फिर से सड़क जाम की खबर मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। अपर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश, एएसपी सुशील कुमार सिंह, सीओ सर्वदमन सिंह, कोतवाल राकेश कुमार सिंह, इंस्पेक्टर सतीश कुमार सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और परिजन को समझाने लगे।
करीब 35 मिनट तक चली जद्दोजहद के बाद परिजन लिखित आश्वासन पर अड़ गए। बाद में प्रभारी एसडीएम सुधीर कुमार मौके पर पहुंचे, जिन्हें परिजन ने मांग पत्र सौंपा।
एसडीएम के नियमानुसार हर संभव मदद दिलाने के आश्वासन पर दोपहर 3:25 बजे से लगा जाम शाम चार बजे के करीब खुल सका। इसके बाद परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए चले गए।