तरकुलवा। बेमौसम बारिश गेहूं उत्पादक किसानों की चिंताएं बढ़ा दी है। खेतों में नमी और फसल की डंठल गीली होने से गेहूं की कटाई और मड़ाई रुक गई है। बारिश से गेहूं के दाने के काला होने का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा ईंट भट्ठा संचालकों को भारी नुकसान पहुंचने की संभावना है।
विकास खंड अंतर्गत खेतों में गेहूं की फसल पक कर तैयार हो गई है। हरैया, अमवा, सोहनरिया, कनकपुरा, महुआपाटन, सिसवा, नारायणपुर, नरहरपट्टी, चिउटहा, बेलही, रामपुर खास, मुंडेरा बाबू, सकतुआ, सकतुई, कौलाचक आदि गांवों के किसानों ने गेहूं के फसल की कटाई शुरू कर दी थी। लेकिन बुधवार की सुबह और दोपहर में हुई बारिश से किसानों को कटाई बीच में रोकनी पड़ी है। किसानों सुभाष पाठक, राम कृपाल राव, शिव शंकर यादव, सरफराज अहमद, दुर्गेश तिवारी, राम नरेश कुशवाहा आदि का कहना है कि जो फसल कट चुकी है, उस पर बरसात से ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। आम के बौर को बारिश से नुकसान की संभावना है। इस बारिश से ईंट-भट्ठों पर ईंट की पथाई का काम फिलहाल ठप हो गया है। पहले से पथाई कर भट्ठों पर इकट्ठा किए ईंटों के नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है ।