संतकबीरनगर। एचआरपीजी कॉलेज में स्नातक व परास्नातक की सीटें नहीं भर पाई हैं, विश्वविद्यालय पोर्टल बंद होने के बाद सीटें रिक्त रह गई हैं। मात्र 50 प्रतिशत ही दाखिला हो पाया है। नामांकन प्रक्रिया 30 सितंबर तक ही चली। कॉलेज प्रशासन से तमाम प्रयास के बाद भी सीटें नहीं भर पाईं। इधर विश्वविद्यालय ने फिर से एक बार 15 अक्तूबर तक पोर्टल खोल दिया है। जिससे की अधिक से अधिक नामांकन हो सके।
जिले में एक सहायता प्राप्त महाविद्यालय एचआरपीजी कॉलेज ही है। इसके साथ ही एक राजकीय महिला महाविद्यालय है। एचआरपीजी कॉलेज में बीए की 900 सीटें हैं, जिस पर अभी तक सिर्फ 350 ही आवेदन हुआ है। इसी तरह से बीएससी में 400 सीटें हैं जिस पर 150 नामांकन हुआ है वहीं बीकाम में 200 सीटें हैं लेकिन 100 सीटें ही भर पाई हैं। यही हाल परास्नातक कक्षाओं का है वहां पर भी 720 सीटें हैं और सिर्फ 200 सीट पर ही नामांकन हो पाया है।
इस महाविद्यालय में जुलाई से ही एडमिशन प्रक्रिया शुरू होकर 30 सितंबर तक चली। कॉलेज प्रशासन की तरफ से तमाम प्रयास किए गए, लेकिन शत प्रतिशत सीटों पर दाखिला नहीं हो सका। 30 सितंबर को विश्वविद्यालय का पोर्टल बंद होने से एडमिशन बंद हो चुका है। जिले में सबसे अधिक छात्र संख्या वाले एचआरपीजी कॉलेज में सिर्फ 50 प्रतिशत ही नामांकन हो पाया है। इधर, कॉलेज की मांग पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में 15 अक्तूबर तक नामांकन की तिथि बढ़ा दी है। ताकि अधिक से अधिक नामांकन हो सके।
कोट
दाखिला बंद हो गया था। महाविद्यालय में स्नातक व परास्नातक की कई विषयों में सीटें नहीं भर पाई हैं। विद्यार्थी परंपरागत कोर्स के बजाय तकनीकी कोर्स की तरफ रुख करने लगे हैं। इधर विश्वविद्यालय में 15 अक्तूबर तक नामांकन की तिथि बढ़ा दी है। प्रयास होगा की अधिक से अधिक नामांकन हो सके।
-प्रो. ब्रजेश कुमार त्रिपाठी, प्राचार्य, एचआरपीजी कॉलेज खलीलाबाद