सेमरियावां। बकरीद के पर्व को लेकर उलेमाओं ने सादगी और आपसी भाईचारे से मनाने की अपील की है। प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। अपने आसपास पड़ोस, मोहल्ले में सफाई पर विशेष ध्यान दें। कुर्बानी के बाद जानवरों के अवशेष का निस्तारण करें।
आल इंडिया तहमफ्फुज मदारिस के सदर मौलाना रहमतुल्लाह नूर कासमी ने कहा कि बकरीद का त्योहार बहुत अहमियत वाला है। इस मौके पर कोई भी प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी न करें। खुले में कुर्बानी नहीं करने के साथ वेस्टेज को हमेशा कूड़ेदान में ही डालें या दफन कर दें। कुर्बानी की वीडियो सोशल मीडिया पर न डालें। उन्होंने युवाओं से खास सावधानी बरतने की हिदायत दी है ।
आल इंडिया उलेमा बोर्ड के प्रदेश महासचिव मौलाना फुजैल नदवी ने कहा कि ईद-उल-अजहा का पर्व के समाज में भाईचारा व सौहार्द बानाने के लिए साफ सफाई का विशेष ध्यान दें। ईदगाह एवं मस्जिदों में ईद उल अजहा की नमाज वाजिब है। एक रास्ते से जाना और दूसरे रास्ते से वापस आना सुन्नत है।
बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना शोएब नदवी ने कहा कि इस्लामिक शिक्षण संस्थानों व उलेमाओं की अपील का हर हाल में पालन करें। शासन प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। साफ-सफाई का ध्यान दें। कुर्बानी की फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड न करें। कुर्बानी का गोश्त तीन हिस्सों में बांटा जाता है। एक हिस्सा परिवार के लिए, दूसरा रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए, और तीसरा गरीबों और जरूरतमंदों के लिए। यह प्रथा समाज में एकता, भाईचारे और दान की भावना को बढ़ावा देती है।
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ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज का समय
- करही ईदगाह : 7.30 बजे सुबह।
- सेमरियावां जामा मस्जिद : 7.00 बजे।
- दानोकुइयां मदरसा : 7.00 बजे।
- बाघनगर मदरसा : 7.30 बजे।
- सेहुड़ा ईदगाह : 6: 30 बजे।
- मूड़ाडीहा बेग ईदगाह : 7.00 बजे।
- कोहरियावां ईदगाह : 7.30 बजे।
- दुधारा ईदगाह : 7.00 बजे।
- उंचहराकला मदरसा : 7.00 बजे।
- रक्सा कला ईदगाह : 7.00 बजे।
- पुरवां मदरसा : 7.30 बजे।