बेलहर/संतकबीरनगर। सिद्धार्थनगर के मोबाइल व्यवसायी के साथ ही 6.59 लाख की लूट के मामले में जिले की एसओजी एवं बेलहरकला थाने की पुलिस ने फरार चल रहे दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से लूट के 2.22 लाख रुपये तथा लूटे गए दोनों मोबाइल को भी बरामद कर लिया गया है।
सिद्धार्थनगर के मोबाइल कारोबारी नूरआलम के दो सेल्समैन के साथ एक फरवरी को 6.59 लाख रुपये और दो मोबाइल लूट हुई। घटना की जानकारी के बाद आईजी, एसपी समेत अन्य अधिकारियों ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस लापरवाही मिलने पर एसपी ने मामले में एसओ नंदू गौतम को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही घटना के अनावरण के लिए पुलिस की पांच टीमें लगी थीं। पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से घटना में संलिप्त आरोपियों को चिह्नित किया। इसके साथ ही 11 फरवरी को मुठभेड़ के दौरान सिद्धार्थनगर जनपद के बेलसड़ कोठी निवासी मोहम्मद नसीम और उसके साथी अताउर्रहमान को गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई।
मुठभेड़ के दौरान आरोपी मोहम्मद नसीम के पैर में गोली लगी। उनके कब्जे से पुलिस ने लूट के 2.52 लाख रुपये और एक पिस्तौल, एक तमंचा एवं घटना में प्रयुक्त बाइक को बरामद किया था। पुलिस पूछताछ में सेल्समैन प्रदीप कन्नौजिया निवासी चुडिहारी थाना उसका बाजार एवं फिरोज खान निवासी ककरहवां थाना मोहना जनपद सिद्धार्थनगर के रूप में हुई। जो फरार चल रहे थे। पुलिस टीम को इन आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है। जिनके कब्जे से पुलिस को लूट की दोनों मोबाइल एवं 2,22,500 रुपये नकद मिला है।
सेल्समैन प्रदीप कन्नौजिया ने रची थी लूट की साजिश
पूछताछ के दौरान पाया गया कि पुलिस गिरफ्त में आए सेल्समैन प्रदीप कन्नौजिया ने लूट की साजिश रची थी। उसने मोबाइल कारोबारी नूरआलम के पूर्व चालक फिरोज एवं सेल्समैन नसीम को अपने साथ मिलाया। जिसके बाद पूरी योजना तैयार करके लूट की घटना को अंजाम दिया। प्रदीप कन्नौजिया ने कारोबारी का विश्वास जीता और अपने साथ नए कर्मचारी सलीम मोहम्मद के साथ मोबाइल की डिलिवरी और रुपये वसूली के लिए निकला था। घटना के दिन वसूली के उनके पास 6.59 लाख रुपये मिले थे। बखिरा में पहुंचने के बाद प्रदीप लघुशंका के बहाने अपने अन्य साथियों मिला और निघुरी स्थित प्राइवेट अस्पताल के पास पहुंचने पर सुनसान स्थान देखकर उसके साथियों ने लूट की घटना को अंजाम दे डाला। इस दौरान प्रदीप और उसके साथ चल रहे दूसरे सेल्समैन को राॅड से मारा भी गया था। जिससे यह पता चल सके कि लूट की घटना वास्तव में हुई है।
आरोपियों को चिह्नित करने में सीसीटीवी रहा सहायक
लूट की घटना प्रमाणित होने के बाद पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर टीम सक्रिय हुई। जिले के बार्डर पर स्थित एक गांव में आरोपी अपने रिश्तेदार के घर पर पहुंचे। वहां पर लगे उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे में आरोपी कैद हुए और वहीं से पुलिस को सुराग मिली। इसके बाद से पुलिस की राह लूट की घटना के खुलासे के लिए आसान हो गई। खलीलाबाद के समय माता मंदिर स्थान से लेकर घटना स्थल और फिर बार्डर के गांव तक के सीसीटीवी में आरोपी कैद हुए। घना कोहरा पुलिस के लिए कुछ समय तक परेशानी का सबब बना। पुलिस आरोपियों के पीछे पड़ी हुई थी और उनका लोकेशन ट्रेस करते हुए छापा और पीछा जारी रखा। अंत में पुलिस घटना में संलिप्त सभी आरोपियों को 13 दिन के अंदर गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली।
कोट
सिद्धार्थनगर जनपद स्थित मोबाइल कारोबारी के सेल्समैन से लूट के मामले में दो आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ में मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस पूछताछ में प्रकाश में आए शेष दो आरोपियों को भी पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। जिनके खिलाफ विधिक कार्रवाई पूर्ण की जा रही है।
-सुशील कुमार सिंह, एएसपी