सात लाख 92 हजार रुपये लूटने वाले दो बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़े
नौकर ने अपने दोस्त के साथ मिलकर दूसरे नौकर से लूटी थी रकम
संतकबीरनगर। दुधारा क्षेत्र के सालेहपुर और नौवागांव के बीच शनिवार की देर शाम बाइक सवार युवक को धक्का देकर दो बदमाशों ने 7,92,100 रुपये लूट लिया था। घटना की सूचना के चार घंटे बाद ही पुलिस ने दोनों बदमाशों को पकड़ लिया। पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों के पास से लूटी गई रकम बरामद की। पुलिस के मुताबिक सेमरियावां में एक फर्म के संचालक के गोरखपुर में रहने वाले रिश्तेदार के वहां से नौकर रकम लेकर लौट रहा था, जिसे दूसरे नौकर ने अपने दोस्त के साथ मिलकर लूट लिया था।
एसओ सर्वेश राय ने बताया कि सेमरियावां निवासी रामचंद्र पुत्र स्वर्गीय श्रीराम सुभग कस्बे में ही एक फर्म संचालित करते हैं। उनके वहां कस्बे का ही निवासी संदीप पुत्र स्वामीनाथ काम करता है। रामचंद्र को जमीन खरीदनी थी। वे नौकर संदीप को अपने गोरखपुर में रहने वाले रिश्तेदार के यहां से रुपये लेने के लिए शनिवार को भेज दिया। संदीप कांटे तक बाइक से गया और एक चाय की दुकान पर बाइक खड़ी करके फिर रोडवेज बस से गोरखपुर चला गया। रामचंद्र के रिश्तेदार ने संदीप को 7 लाख 92 हजार लाख रुपये दिए। गोरखपुर से रोडवेज बस से संदीप कांटे पहुंचा फिर वहां से बाइक लेकर सेमरियावां जा रहा था। रास्ते में सालेहपुर और नौवागांव के बीच में बाइक सवार दो बदमाशों ने धक्का देकर उसे गिरा दिया और बैग लूट कर भाग गए। पीड़ित नौकर संदीप ने घटना की सूचना अपने मालिक रामचंद को दी। पहले तो रामचंद ने अपने स्तर से छानबीन की, लेकिन कुछ हासिल नहीं होने पर रात दस बजे पुलिस को सूचना दी। इस मामले में दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट का केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पीड़ित संदीप ने पूछताछ में बताया कि लूट की घटना करने वाला एक बदमाश हेलमेट पहने था, जो कस्बे के निवासी गणेश राजपूूत जैसा था। रात में ही इस्लामाबाद के पास से सेमरियावां निवासी गणेश राजपूत और कमल कुमार वर्मा निवासी बाघनगर को पकड़ा गया। तलाशी में पकड़े गए बदमाशों के पास से लूटे गए 7,92,100 रुपये मिले। साथ ही दो तमंचा, कारतूस व घटना में प्रयुक्त बाइक भी बरामद हुई।
पूछताछ में पता चला कि आरोपित गणेश राजपूत फर्म संचालक रामचंद के भाई ज्ञानचंद्र के वहां नौकरी करता था। जिस समय रामचंद अपने नौकर संदीप से गोरखपुर के रिश्तेदार के वहां से रकम लाने की बात कर रहे थे, उस दौरान वहां मौजूद रहकर बात सुन लिया था। उसने 50 हजार रुपये ऋण लिया है। 13 मार्च तक उसे रकम जमा करनी थी। उसके पास पैसे का इंतजाम नहीं हो पा रहा था। लालच में आकर गणेश ने अपने दोस्त कमल कुमार वर्मा के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई। गणेश ने अपने मालिक ज्ञानचंद की दुकान से छुट्टी ले ली। वह अपने दोस्त कमल कुमार वर्मा के साथ कांटे चौराहे पर पहुंचकर संदीप का इंतजार किया। जैसे ही संदीप रोडवेज की बस से कांटे पहुंचा और बाइक से सेमरियावां के लिए निकला। वैसे ही दोनों उसका पीछा करने लगे। नौवांगाव के पास रविदास मंदिर के निकट उसे बाइक से धक्का देकर नीचे गिरा दिए। बैग छीनकर दोनों साफियाबाद होते हुए बस्ती चले गए। वहां से रात में वापस आए और रकम रखे बैग को कमल वर्मा ने अपनी बाघनगर स्थित बर्तन की दुकान में रख दिया। उसमें से दोनों एक-एक लाख रुपये खर्च के लिए निकाल लिए थे। शेष रकम बाद में आपस में बांटते, लेकिन दोनों पकड़ लिए गए। पकड़े गए दोनों आरोपितों को रविवार को जेल भेज दिया गया।