संतकबीरनगर। संयुक्त जिला चिकित्सालय में दवा लेने के लिए मरीजों को घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है। अस्पताल की औसतन रोज की ओपीडी 12 सौ के आसपास होती है तो कभी बढ़कर दो हजार तक पहुंच जाती है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन व्यवस्था सही करने के लिए मरीजों का रजिस्ट्रेशन काउंटर तो बढ़ा देता है। लेकिन दवा काउंटर दो ही रहने के कारण दवा के लिए घंटों मरीजों को इंतजार करना पड़ता है।
जिला अस्पताल की रोज की ओपीडी औसतन 12 सौ के आसपास होती है। मौसम और समय के अनुसार ओपीडी घटता-बढ़ता रहता है। यहां चिकित्सा के लिए आने वाले मरीजों को हर जगह अपनी बारी की प्रतीक्षा करना पड़ता है। सबसे दिक्कत दवा प्राप्त करने में होती है। जिला चिकित्सालय में दवा वितरण के केवल दो काउंटर है। जिसके कारण रोज दवा लेने के लिए दो लाइनों में सैकड़ों महिला-पुरुष लाइन में लगे दिखते है।
वृहस्पतिवार को दवा काउंटर पर अपनी बारी की प्रतीक्षा में लगीं ज्ञानमती कहती है कि एक घंटा लाइन में लगे हो गया। पैर से खड़ा नहीं हो पा रही हूं। रमेश कुशवाहा भी आधे घंटे से दवा लेने की प्रतीक्षा में लाइन में लगे रहे। अभी 12 लोगों के बाद उनका नंबर आएगा। रमेश का कहना है कि एक तो लाइन लंबी है दूसरे अंदर काउंटर से दवा भी धीमी गति से दिया जा रहा है। इस ओर अस्पताल प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है।
अस्पताल में दवा वितरण की दो काउंटर है। जब मरीजों की संख्या अधिक होती है तभी लाइन लंबी नजर आती है। मरीजों को जल्दी दवा मिले इसके लिए फार्मासिस्ट और पैरामेडिकल स्टाफ लगाए गए है। जरूरत पड़ी तो दवा काउंटर बढ़ाया जाएगा।
डॉ. भवनाथ पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक