सोमवार की रात 10 मिनट के अंदर पांच राउंड फायरिंग कर कप्तानगंज कस्बे को दहलाने के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देश पर स्वाॅट टीम, कप्तानगंज और कसया थाने की टीम जुटी थी। पुलिस को पता चला कि एक आरोपी सूजा पठान गोरखपुर एयरपोर्ट के पास मौजूद है।
पुलिस की टीम वहां पहुंची और घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। उधर, मुखबिर से सूचना मिली कि दो अन्य आरोपी कहीं भागने की फिराक में हैं। इसपर पुलिस टीम ने हसनगंज-भिवरा के पास घेराबंदी की, जहां मुठभेड़ में आदित्य के पैर में गोली लग गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
उसका दूसरा साथी भागने में कामयाब रहा। पुलिस ने बदमाशों के पास से 32 बोर की पिस्टल, खोखा, दो कारतूस, एक बाइक और नकदी बरामद की है। पुलिस की जांच में विवाद की वजह आपसी रंजिश और पुरानी दुश्मनी सामने आई है। करीब 10 दिन पूर्व सुभाष चौक पर विक्की मद्धेशिया के भतीजे उपकार और सुजीत रावत के छोटे भाई भीरू रावत के बीच विवाद हुआ था।
इसकी शिकायत सभासद आरिफ और विक्की ने सुजीत के घर जाकर की थी। इसी बात से नाराज होकर सुजीत ने हिस्ट्रीशीटर सूजा पठान और आदित्य साहनी के साथ मिलकर हमले की साजिश रची और फायरिंग की।
आदित्य और सूजा कप्तानगंज थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। आदित्य पर लूट और अपहरण सहित कुल आठ मुकदमे दर्ज हैं। इसका पिता कमलेश साहनी भी हिस्ट्रीशीटर रहा है। वहीं, सूजा पठान भाजपा सभासद के पति रमेश मोदनवाल पर जानलेवा हमले और धमकाने का आरोपी है।