बीएसए महेंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को सांथा और मेंहदावल ब्लॉक के स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान खामियां मिलने पर उन्होंने दो हेडमास्टरों को निलंबित कर दिया।
साथ ही चार हेडमास्टरों समेत आठ शिक्षकों का वेतन रोक दिया है। इस संबंध में बीईओ सांथा से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस कार्रवाई से शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है।
बीएसए ने बताया कि मेंहदावल ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नारायनपुर में 274 के सापेक्ष छात्रों की संख्या शून्य मिली है। बच्चे क्यों नहीं आ रहे है इसका कारण हेडमास्टर नहीं बता पाए है।
इस पर हेडमास्टर अब्दुल गफ्फार को निलंबित कर दिया गया है। उच्च प्राथमिक विद्यालय नारायनपुर में भी 221 के सापेक्ष मात्र चार छात्र मिले। यहां भी हेडमास्टर त्रिपुरारी को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही सहायक अध्यापक शिवचंद का वेतन, अनुदेशक जनार्दन और सवारेलाल का भी मानदेय रोका गया है।
सांथा ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय सांथा में बच्चे यूनिफार्म में नहीं थे। ड्रेस से संबंधित कोई भी अभिलेख विद्यालय पर नहीं मिले है। 116 के सापेक्ष मात्र 60 छात्र विद्यालय पर उपस्थित थे।
विद्यालय परिसर में काफी गंदगी मिली है। हेडमास्टर ओंकार नाथ मिश्र का वेतन रोका गया है। वहां पर तैनात अनुदेशक रजनी मिश्र पिछले छह नवंबर से अनुपस्थित चल रही हैं।
उनका मानदेय रोक दिया गया है। बीएसए ने बताया कि 23 नवंबर को बेलहर ब्लॉक के विद्यालयों का निरीक्षण किया था। प्राथमिक विद्यालय बेलहर में अनियमितता मिली। अभिलेख सही नहीं थे। इस पर हेडमास्टर उदय शंकर का वेतन रोका गया है।
साथ ही प्राथमिक विद्यालय बेलहर कला में भी अनियमितता मिली थी। वहां के हेडमास्टर जयराम वर्मा का वेतन रोका गया है। प्राथमिक विद्यालय जंगल बेलहर के हेडमास्टर राम अवध का वेतन भी अनियमितता के चलते रोक दिया गया है।
बीएसए ने कहा कि शिक्षक समय से स्कूलों पर मौजूद रहे और छात्र संख्या पर विशेष ध्यान दे। जहां भी छात्र संख्या कम मिलेगी वहां जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।