धनघटा क्षेत्र के खड़कपुर गांव की एक विवाहिता की मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके वालों ने ससुरालियों पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया।
बाद में काफी संख्या में मायके के लोग थाने पहुंच गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धनघटा-उमरियां मार्ग को थाना गेट के सामने ही जाम कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पति, ससुर और देवर के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया।
एक घंटे के अंदर पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लेने के बाद लोग माने और जाम खोला। क्षेत्र के नेतवापुर गांव निवासी चंद्रभान निषाद का आरोप है कि उन्होंने बेटी सुमन की शादी खड़कपुर गांव निवासी अच्छेलाल निषाद पुत्र सितई के साथ वर्ष 2007 में की थी। अपनी हैसियत के अनुसार उपहार भी दिए।
अप्रैल 2014 में सुमन की विदाई हुई और वह अपने ससुराल पहुंची। ससुराल जाने के बाद से ही ससुराल के लोग दहेज में बाइक और सोने का चेन की मांग कर रहे थे। दहेज की मांग पूरी करने में असमर्थता जाहिर करने पर ससुराली बेटी को प्रताड़ित करने लगे।
23 नवबंर की रात बेटी सुमन ने फोन पर बताया कि यदि उसे मायके नहीं ले गए तो लोग उसे जान से मार डालेंगे। उन्होंने बेटी को समझाया और मंगलवार को उसके ससुराल पहुंचने की बात कही। 24 नवंबर की सुबह बेटी की मौत की सूचना मिली।
वह बेटी के घर पहुंचे तो उसकी लाश बरामदे में पड़ी थी। उन्होंने ससुराल पक्ष के लोगों पर बेटी की गला दबा कर हत्या कर करने का आरोप लगाया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को लेकर थाने पर पहुंची।
उसी बीच नेतवापुर गांव के सैकड़ों लोग थाने पर पहुंच गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाना गेट के सामने सड़क जाम लगा दिया। करीब एक घंटे बाद जाम तब समाप्त हुआ, जब आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जाम से आवागमन भी प्रभावित रहा।
एसओ ब्रजेश सिंह यादव ने बताया कि सुमन के पिता चंद्रभान निषाद की तहरीर पर पति अच्छेलाल, देवर रामनयन तथा ससुर सितई के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। पति पुलिस की हिरासत में है और अन्य की तलाश की जा रही है।