संतकबीरनगर। अपर सत्र व विशेष न्यायाधीश देवेन्द्र नाथ गोस्वामी की कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के दो सगे भाइयों को चार वर्ष के कारावास और प्रत्येक को 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड का आदेश दिया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी भाइयों को दो माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी। पूर्व में कारावास में बिताई गई अवधि को दंड के साथ समायोजित किए जाने का भी आदेश दिया है।
तत्कालीन एसओ धनघटा राजेश कुमार ने 2 जून 2000 को थाने पर तहरीर दिया कि मुन्ना राय, जय प्रकाश राय का एक संगठित गिरोह है। गैंग का लीडर मुन्ना राय है, जो एक-दूसरे के आर्थिक भौतिक लाभ के लिए चोरी, हत्या का प्रयास, मारपीट और कमजोर लोगों का उत्पीड़न कर अपराध करते हैं। समाज में भय और आतंक व्याप्त हैं। कोई भी व्यक्ति इनके खिलाफ केस करने और साक्ष्य देने का साहस नहीं कर पाता है।
लीडर और सदस्य धनघटा क्षेत्र में भी आतंक पैदा कर दिए हैं। इस मामले में धनघटा थाने में केस दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के बाद आरोपी मुन्ना राय व जय प्रकाश के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोह बंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में सात गवाहों को पेश कर अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए।
अपर सत्र व विशेष न्यायाधीश देवेन्द्र नाथ गोस्वामी की कोर्ट ने सुनवाई के बाद उत्तर प्रदेश गिरोह बंद एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम में दोषी पाए जाने पर थाना धनघटा क्षेत्र के ग्राम बड़गो टोला सरोना निवासी दो भाइयों मुन्ना राय और जय प्रकाश राय को चार वर्ष का कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड का आदेश दिया। अदा न करने पर दोषी भाइयों को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।