- 53000 हजार रुपया अर्थ दंड भी लगाया, न देने पर भुगतनी होगी 15 माह की अतिरिक्त सजा
- पीड़िता को 2.47 लाख रुपये प्रतिकर 30 दिन के अंदर देने का आदेश
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी ने दुष्कर्म के प्रयास आरोपी को सजा सुनाई। कोर्ट ने आरोपी को 20 साल का कारावास, 53 हजार रुपये अर्थदंड इसका भुगतान न करने पर 15 महीने की अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। वहीं पीड़िता को 2.47 लाख रुपये प्रतिकर देने का आदेश दिया है।
विशेष लोक अभियोजक अभिमन्यु पाल, सतेंद्र शुक्ला, सत्य प्रकाश ने बताया कि पीड़िता की मां ने खलीलाबाद कोतवाली में केस दर्ज कराया था। मां के मुताबिक चार अगस्त 2018 की शाम करीब साढ़े चार बजे उसकी नौ वर्षीय बेटी के साथ गांव के आरोपी ने पंचायत भवन के कमरे में ले जाकर हाथ पैर बांध दिया। उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। इसकी सूचना उसे मिली। आरोप लगाया कि जब वहां पहुंची तो उसने आरोपी से बेटी के बारे में पूछा। आरोपी गालियां देने लगा। इसी बीच उसकी नाबालिग बेटी पंचायत भवन के कमरे में दिख गई। उसकी बच्ची रो-रो कर बताने लगी। इतने में आरोपी के घर के उसके भाई एवं उसके घर के समस्त परिवार के लोग इकट्ठा हो गए और अपशब्द एवं जान से मारने की धमकी देने लगे। मौका मिलते ही आरोपी भाग गया और घरवालों ने धमकी दी कि अगर मुकदमा लिखवाया तो अंजाम बुरा होगा। तहरीर की आधार पर आरोपियों पर कोतवाली खलीलाबाद में केस दर्ज हुआ। विवेचक ने दुष्कर्म के आरोपी तथा जान से मारने की धमकी, अपशब्द के मामले में आरोपी के भाई के विरुद्ध कोर्ट में आरोप पत्र प्रेषित किया। आरोपियों (दोनो भाइयों) ने आरोप से इंकार किया और विचारण की मांग किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता समेत सात गवाहों जिसमे डाॅक्टर का बयान को परीक्षित कराया गया। तीन गवाहों ने आरोपी को पंचायत भवन के कमरे में ले जाकर पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने तथा आरोपी को भागते हुए देखने का कथन किया। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि पंचायत भवन से आरोपी का घर काफी दूर है। अपशब्द कहने एवं जान से मारने की धमकी के मामले में दोषी पाए जाने पर 50 वर्षीय आरोपी के भाई को एक वर्ष के लिए परिशांति कायम रखने की परिवीक्षा पर छोड़ने का आदेश दिया। वहीं, दुष्कर्म के मामले में 40 वर्षीय आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई।