रोडवेज बस न चलने से धनघटा चौक पर सवारी बैठाते ऑटो चालक। संवाद
धनघटा। तहसील मुख्यालय धनघटा सहित अन्य ग्रामीण इलाकों में रोडवेज की सुविधा नहीं होने के चलते आमजन को निजी टैक्सियों में महंगा किराया देकर सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। धनघटा से खलीलाबाद जाने-आने के लिए मात्र एक रोडवेज बस है। जिसका कोई निर्धारित समय नहीं है। धनघटा से प्रतिदिन जिला मुख्यालय जाने के लिए सैकड़ों लोग निजी वाहनों से सफर तय करते हैं और मजबूरी में दो गुना किराया देना पड़ता है। जिला मुख्यालय से दक्षिण 26 किलोमीटर दूर स्थित धनघटा तहसील मुख्यालय के बीच अधिकांश यात्री प्रति दिन निजी टैक्सियों से सफर करते है। ग्रामीणों की जरूरत को देखते हुए एक रोडवेज बस का संचालन शुरू किया गया। यह बस प्रतिदिन सुबह धनघटा से खलीलाबाद जाती है और दिन डूबने के बाद धनघटा लौटती है। 24 घंटे में एक चक्कर लगाने के चलते अधिकांश यात्रियों का सफर निजी टैक्सियों पर निर्भर है। खलीलाबाद बस अड्डा प्रभारी टीएन दुबे ने कहाकि एक बस चलती है। बस बढ़ाने के लिए पत्राचार किया जाएगा।
26 किलोमीटर का भाड़ा 80 से 100 रुपये
धनघटा क्षेत्र के रहने वाले रामकेश, अश्वनी कुमार, भालचंद कन्नौजिया, रामदरस यादव, कन्हैया प्रसाद, राम सजीवन, मुस्तफा आदि ने बताया कि रोडवेज बस सुविधा से अधिकांश यात्री वंचित हो रहे है। यात्रियों की सुविधा सुलभ करवाने को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। निजी टैक्सियों से 26 किलोमीटर का भाड़ा 80 से सौ रुये वसूला जाता है। क्षेत्र के बंसवारी गांव, लोहरैया, अशरफपुर, हैंसर बाजार, उमरिया बाजार, शनिचरा बाजार, पौली, रामपुर आदि स्थानों में रोडवेज बस की सुविधा नहीं है।