बखिरा। नगर पंचायत बखिरा के गठन की घोषणा करीब चार वर्ष पहले हुई थी, लेकिन अभी तक साप्ताहिक बंदी की तिथि निर्धारित नहीं हो सकी है। स्थानीय व्यापारियों ने डीएम से बखिरा नगर पंचायत की साप्ताहिक बंदी का दिन घोषित किए जाने की मांग की है।
व्यापारी पप्पू वर्मा, मोहित, शिवशंकर, शिवकुमार, नन्दलाल, राजू कसेरा, संतोष वर्मा ने कहा कि चार वर्ष बीतने के बावजूद बखिरा नगर पंचायत में साप्ताहिक बंदी नहीं होती है। कस्बे में शामिल अमरडोभा, लेंडुआ-महुआ, बूंदीपार में दर्जनों दुकानें हैं। यहां की सभी दुकानें पूरे सात दिन खुलती हैं। नगर पंचायत गठन होने के बाद लोगों ने साप्ताहिक बंदी की उम्मीद लगाई थी, लेकिन चार वर्ष का समय बीतने के बाद भी जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान नही दिया।
लोगों का कहना है कि साप्ताहिक बंदी निर्धारित होने से उन लोगों को भी सप्ताह में एक दिन आराम मिलने के साथ ही अन्य जरूरी कार्य करने में भी आसानी होती। परिवार को भी एक दिन समय देना आसान होता। परिवार के साथ बाहर टहलना और घूमना हो जाता।
इस संबंध में ईओ आदित्य प्रकाश ने बताया कि नगर पंचायतों की साप्ताहिक बंदी श्रम विभाग निर्धारित करता है। दिन सुनिश्चित होने पर बंदी का पालन सख्ती से कराया जाएगा।