संवाद न्यूज एजजेंसी संतकबीरनगर। जिले में दुर्गा पूजा और दशहरा पर्व को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पिछली बार हुई घटनाओं से सबक लेकर इस बार पुलिस ने पहले से तैयारी कर ली है, इसके लिए मुकामी थानों की पुलिस के साथ ही हर थाने में एक इंस्पेक्टर के साथ अतिरिक्त पुलिसबल की तैनाती की गई है। यही नहीं संवेदनशील स्थानों पर पीएसी की तैनाती भी की गई है।
दुर्गा पूजा, दशहरा मेला और मूर्ति विसर्जन को लेकर पुलिस पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। व्यवस्था में मुकामी थाने की पुलिस के साथ ही कोतवाली खलीलाबाद में 1 अतिरिक्त थानाध्यक्ष, 8 इंस्पेक्टर, 29 दारोगा, 115 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल, 28 महिला कांस्टेबल की तैनाती की गई है। पिछले वर्षों में नन्दौर और मगहर में हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए बखिरा और खलीलाबाद क्षेत्र में डेढ़-डेढ़ टुकड़ी पीएसी की तैनाती की गई है। वहीं तीनों तहसील क्षेत्रों में एक-एक फायर टेंडर भी तैनात किया गया है।
सादी वर्दी में भी तैनात रहेंगे पुलिस के जवान : दुर्गा पूजा के अवसर पर लगने वाले मेलों और मूर्ति विसर्जन जुलूस में सादी वर्दी में भी पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही एलआईयू और गुप्तचर संस्थाओं की टीमें भी पूरे क्षेत्र में गश्त करती रहेंगी, ताकि किसी प्रकार की साजिश और मेलों में मनचलों पर निगाह रखी जा सके और त्वरित कार्रवाई की जा सके।
तालाब में डूबने से हो गई थी किशोर की मौत : धर्मसिंहवा थानाक्षेत्र के अमरहा में प्रतापपुर स्थित पोखरे में पिछले साल मूर्ति विसर्जन किया जा रहा था। इस दौरान पैर फिसलने से बखिरा थानाक्षेत्र के जगदीशपुर गांव का एक किशोर विश्वनाथ प्रजापति तालाब में डूब गया। डूबने से उसकी मौत हो गई थी। बाद में प्रशासनिक अमले के साथ एनडीआरएफ की टीम ने हालात को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई की।
करंट लगने से हुई थी युवक की मौत : दो साल पूर्व कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में ग्राम बरईपार से ट्राॅली पर लादकर मूर्ति विसर्जन करने के दौरान हाई वोल्टेज विद्युत तार के चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई थी। जबकि चार लोग घायल हो गए थे। यह सभी डीजे की धुन पर थिरक रहे थे। इसी दौरान हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ गए थे।
मूर्ति विसर्जन के लिए कटवा दी गई पेड़ों की डालियां : मूर्ति विसर्जन के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के लिए जिला मुख्यालय के साथ ही अन्य स्थानों पर पेड़ों की डालियों को कटवा दिया गया है। यही नहीं इन रास्तों में पड़ने वाले ढीले बिजली के तारों को भी कसकर ऊपर किया गया है। ताकि कहीं पर भी तारों की वजह से कोई हादसा न हो जाए।