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तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया प्रेमी-प्रेमिका का पोस्टमार्टम

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तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया प्रेमी-प्रेमिका का पोस्टमार्टम
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- वाराणसी फोरेंसिक लैब ने शव को लौटा दिया था
- डीएनए जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। धनघटा क्षेत्र के मूडाडीहा गांव के रहने वाले प्रेमी- प्रेमिका के अधजले शव को वाराणसी के फोरेंसिंक लैब से बिना पोस्टमार्टम के लिए लौटा दिया गया। बुधवार की शाम को सीएमओ ने तीन डॉक्टरों का पैनल गठित कर शवों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने से विसरा सुरक्षित कर लिया गया।
मूडाडीहा गांव निवासी 22 वर्षीय सागर और 19 वर्षीय कंचन आपस में प्रेम करते थे। प्रेमिका की शादी भी दूसरी जगह तय हो गई थी। 12 फरवरी की शाम को दोनों शादी कर लिया। रात में प्रेमी के घर से 50 मीटर दूरी पर स्थित पुआल के ढेर के पास दोनों की संदिग्ध हाल में लाश मिली। बगैर पुलिस को सूचना दिए ही दोनों के परिजन कुछ ग्रामीणों की मदद से शनिवार की भोर में शवों को महुली क्षेत्र के बारीडीहा गांव के पास कुआनो नदी के किनारे ले जाकर जला दिया। सूचना पर पुलिस ने अधजले शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। डॉक्टर ने 90 प्रतिशत से अधिक शवों के जल जाने की वजह से पोस्टमार्टम करने में असमर्थता जताई। सीएमओ ने मामले की जानकारी एसपी को दी। दोनों के शवों को फोरेंसिक लैब वाराणसी भेजकर विशेष परीक्षण कराए जाने की जरूरत जताई। उसके बाद दोनों के शवों को वहां भेजा गया। वाराणसी फोरेंसिक लैब में शवों का पोस्टमार्टम नहीं हुआ और जिले के लिए लौटा दिया गया। बुधवार को सीएमओ की ओर से गठित तीन डॉक्टरों ने पैनल ने बुधवार को शवों का पोस्टमार्टम किया।
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एसपी से मिला सपा का प्रतिनिधिमंडल
सपा का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को एसपी से मिला। पूर्व विधायक अलगू चौहान, जिलाध्यक्ष गौहर अली, राम दरश यादव, लोरिक यादव ने एसपी को बताया कि मूडाडीहा गांव में सिर्फ महिलाएं घरों पर है। जबकि 15 अज्ञात लोगों पर दर्ज मुकदमे की वजह से पुरूष घबराकर घर छोड़ दिए हैं। इस प्रकरण में निर्दोष लोगों को परेशान न किया जाए। जो दोषी हो उनके खिलाफ कार्रवाई हो। एसपी ने आश्वासन दिया कि पुलिस निर्दोषों को परेशान नहीं करेंगी। जो लोग भागे हैं उन्हें पुलिस के समक्ष पहुंच कर अपना बयान दर्ज कराना चाहिए।
वाराणसी फोरेंसिक लैब में प्रेमी-प्रेमिका के शवों का विशेष परीक्षण नहीं हो पाया। जिसकी वजह से दोनों शव वापस लाए गए। डीजी हेल्थ और एडीजी हेल्थ से परामर्श करके तीन डॉक्टरों का पैनल गठित कर दोनों शवों का बुधवार की शाम को पोस्टमार्टम कराया गया।
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- डॉक्टर हरगोविंद सिंह, सीएमओ
बगैर परीक्षण के वाराणसी से दोनों शवों के वापस आने के बाद सीएमओ की ओर से गठित डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। डॉक्टरों के पैनल ने विसरा सुरक्षित कर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मृत्यु के बाद शवों को जलाए जाने की बात सामने आई है। विसरा की जांच के बाद ही दोनों की मौत का कारण स्पष्ट होगा। शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। - डॉक्टर कौस्तुभ, एसपी।
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