संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की अदालत ने मारने पीटने, अपशब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी और छेड़खानी के मामले में तीन भाइयों विकांत, मुन्ना, अविनाश को साक्ष्य के अभाव में आरोपमुक्त कर दिया।
पीड़ित ने एसपी को तहरीर दी कि 21 फरवरी 2017 को सायं करीब 4 बजे स्कूल से लौटते समय उसकी 14 वर्षीय पुत्री से नगर पंचायत हरिहरपुर थाना महुली के दो आरोपी छेड़खानी करने लगे। लड़की ने बताया कि सायं 5 बजे करीब उसने आरोपियों के पिता से शिकायत की। उससे नाराज होकर शाम 6 बजे आरोपी भाइयों के साथ दुकान पर आकर अपशब्द कहने लगे।
विरोध करने पर दुकान में घुसकर उसे मारा पीटा। महुली थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। 26 फरवरी 2017 को आरोपी पांच भाई व उनके पिता एक राय होकर उसके घर में घुसकर उसको मारने लगे तथा छेड़खानी करते हुए लड़की को जबरदस्ती उठा ले गए। महुली थाने में आरोपी भाइयों व उनके पिता के विरुद्ध केस दर्ज हुआ।
विवेचक ने आरोपी तीन भाइयों के विरुद्ध छेड़खानी, मारपीट जान से मारने की धमकी देने का आरोप पत्र 30 अप्रैल 2017 को न्यायालय में भेज दिया। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की अदालत ने पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर तीनों भाइयों को आरोप मुक्त कर दिया।