संतकबीरनगर। बखिरा थानाक्षेत्र में वर्ष 2008 में हुई मारपीट के तीन दोषियों को सत्र न्यायाधीश ने सदाचरण और शांति बनाए रखने के शर्त पर रिहा किया है। मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि थाना बखिरा अंतर्गत गोहनिया माफी निवासी संजय कुमार ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोप था कि वह 31 मई 2008 को अपने घर में सो रहा था। रात दो बजे वह दरवाजा खोलकर लघुशंका के लिए बाहर निकला। इसी दौरान पुरानी रंजिश को लेकर उनके गांव के फौजदार व उनका लड़का यशोधरा, रीता, सुमित्रा, रामवृक्ष और राजेंद्र एक राय होकर मारे पीटे। थाने और पुलिस अधीक्षक में वहां कार्रवाई न होने पर न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि अभियोजन की तरफ से कल सात साक्षियों का बयान न्यायालय में कराया गया। सभी साक्षियों ने अभियोजन कथानक का समर्थन किया जिसके आधार पर सत्र न्यायाधीश महेंद्र प्रसाद चौधरी ने यशोधरा देवी, रीता व सुमित्रा को दोषी मानते हुए छह माह तक अच्छा आचरण और शांति बनाए रखने के शर्त पर रिहा किया। संवाद