प्राथमिक स्कूल डीघा के बच्चों को हाईवे पार करातीं शिक्षिकाएं ।
संतकबीरनगर। जिला मुख्यालय पर डीघा का विकास नगर पालिका और एनएचएआई के बीच फंसकर रह यहां पर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। हल्की बारिश होने पर यहां पर जलभराव हो जाता है। चार साल पहले बनी पानी की टंकी बेकार पड़ी हुई है।
शहर के नेशनल हाईवे कि किनारे बसे डीघा मोहल्ले की आबादी करीब चार हजार है। यह पूर्व में नगर पंचायत हुआ करता था, लेकिन अक्तूबर 2020 में नगर पालिका परिषद खलीलाबाद के सीमा विस्तार के बाद पालिका क्षेत्र में शामिल हो गया। बरदहिया बाजार मोड पर कबीर प्रतिमा के पास अक्सर जलभराव बना रहता है। साथ ही गंदगी फैली हुई है।
कारण यह है कि जो नाला बना है वह जगह-जगह टूट गया है। जिससे बारिश होने पर पानी सड़क पर बहता है। पथ प्रकाश की व्यवस्था भी नहीं हो पाई है। हालांकि इसके लिए पोल लगाए जा रहे हैं। इस क्षेत्र के निवासी राधेश्याम चौरसिया, मुकेश कुमार आदि ने बताया कि नगर पालिका में शामिल होने के बाद भी शहरी सुविधाएं नहीं मिल सकी है। जिससे निराश होना पड़ रहा है। डीघा के कोइरी पुरवा को जाने वाली सड़क टूट गई थी, जिसके निर्माण के लिए गिट्टियां बिछाई गई है, लेकिन कई माह बीत जाने के बाद सड़क अधूरी पड़ी हुई है। पेयजल के लिए पानी की टंकी बनी है, इसे बने चार साल हो गए है, लेकिन अब तक जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं हो सकी है।