सेमरियावां। प्रसिद्ध सूफी इस्लामिक विद्वान हजरत सुफी निजामुद्दीन मुहद्दिस बस्तवी कादरी बरकाती रिजवी का दो दिवसीय तेरहवां उर्स-ए पाक बृहस्पतिवार को अगया स्थित खानकाहे निजामियां पर होगा।
आयोजन कमेटी के मौलाना सनाउल मुस्तफा निजामी, हाफिज महबूब, हाजी फखरूल हसन खान, हाजी समीउल्लाह निजामी ने उर्स के कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। मजार को तमाम किस्म के फूल और लाइटों से पूरी तरह सजाया गया है।
बता दें की हजरत सूफी निजामुद्दीन साहब एक बड़े आलिम-ए-दीन और सूफी बुजुर्ग के रूप में प्रसिद्ध थे। देश के विभिन्न प्रांतों एवं खाड़ी देशों में उनके अनुयायी काफी संख्या में मौजूद हैं। तेरह वर्ष पूर्व हजरत सूफी निजामुद्दीन के इंतकाल के बाद पैतृक गांव सेमरियावां ब्लॉक के अगया गांव में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया और उनकी भव्य मजार बनाई गई। हर वर्ष उनका वार्षिक उर्स भव्य रूप में मनाया जाता है, जिसमें देश के विभिन्न प्रांतों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। सूफी साहब के पौत्र मौलाना जियाउल मुस्तफा निजामी ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह में फज्र की नमाज के बाद सूफी साहब की मजार पर कुरानख्वानी के साथ ही उर्स का कार्यक्रम शुरू होगा।
दोपहर बाद नमाजे जोहर जुलूस ए चादर मजार पर चादर पोशी और गुल पोसी का सिलसिला शुरू होगा और देर शाम तक चलेगा। रात में बाद नमाजे ईशा हजरत अल्लामा सूफी मोहम्मद हबीबुर रहमान रजवी की अध्यक्षता में निजामी कॉन्फ्रेंस कार्यक्रम का आयोजन होगा। जिसमें देश के कई बड़े इस्लामिक विद्वान प्रतिभाग करेंगे। 24 अक्तूबर की सुबह में मजार पर कुल शरीफ के आयोजन के बाद उर्स का कार्यक्रम समाप्त हो जाएगा।