गांजा तस्करी प्रयोग में आने वाला पिकअप वाहन।
संतकबीरनगर। गांजा तस्कर जिस पिकअप वाहन से तस्करी कर गांजा लाते थे वह अत्याधुनिक पिकअप वाहन मिलिट्री कलर व उस पर लगे तिरपाल भी मिलिट्री कलर का लगाकर पुलिस को चकमा देते थे।
जिले की पुलिस टीम पिछले 15 दिन से आरोपियों के पीछे लगी हुई थी। सर्विलांस टीम लगातार आरोपियों की निगरानी कर टोह ले रही थी। जिसके बाद आरोपी जिले की सीमा में घुसे और पुलिस ने उन्हें घेरकर धर दबोचा। इस गैंग को दबोचने में कांटे चौकी पर तैनात सिपाही का टिप काफी कारगर साबित हुआ।
कांटे चौकी पर तैनात सिपाही संजय प्रसाद को क्षेत्र में गांजा तस्करी के बारे में सूचना मिला। जिसके बाद वह आरोपियों का मोबाइल नंबर किसी के माध्यम से प्राप्तकर मामले की सूचना चौकी प्रभारी राम वशिष्ठ के माध्यम से ऊपर तक पहुंचाया। पिछले 15 दिन से सर्विलांस टीम के ज्ञानप्रकाश सिंह, नितीश कुमार, अमरजीत मौर्या की टीम उन नंबरों का टोह लेने में जुटी हुई थी। इसके अलावा पुलिस टीम आरोपियों की गतिविधि भी जांच पड़ताल करने में जुटी रही।
पुलिस को कांटे चौकी पर तैनात सिपाही संजय प्रसाद के माध्यम से मिले एक नंबर का लोकेशन विजय नगरम आंध्र प्रदेश में मिला। इसके बाद पुलिस का शक गहराया और पुलिस वहीं से उस नंबर को टोह लेने लगी। पुलिस को नंबर की लोकेशन विशाखापत्तनम, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, राबर्ट्सगंज, बनारस, आजमगढ़, आंबेडकरनगर होते हुए जिले में घुसने की जानकारी हुई।
जिले में गाड़ी पहुंचने के बाद पुलिस एक बार मिलिट्री कलर होने के वजह से भ्रम में पड़ गई। इसके बाद कोनी गांव पुलिया के पास घेराबंदी कर दबोच लिया।