मगहर। नगर पंचायत मगहर के कबीर चौरा परिसर में आयोजित दस दिवसीय स्वदेशी मेले का उद्घाटन गुरुवार को विधान परिषद सदस्य डाॅ.धर्मेंद्र सिंह ने किया। उद्घाटन के समय प्रशासनिक अधिकारी, नगर पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय उद्योगों से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
मेले का उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना, स्थानीय कारीगरों को मंच प्रदान करना और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूत करना बताया गया। लेकिन उद्घाटन के अगले ही दिन से पूरा पंडाल खाली नजर आ रहा है। दुकानों पर ग्राहक न के बराबर पहुंच रहे हैं।
पूर्व सभासद त्रिलोकीनाथ वर्मा, गौरव पांडेय, खलील खान, सुनील कुमार, रामप्रकाश, अमजद, सेराज अहमद आदि का मानना है कि यह पहल तो ठीक है। कुटीर उद्योगों को बढ़ावा मिलना चाहिए।परन्तु इसका व्यापक रूप से प्रचार प्रसार होना चाहिए था। लोगों ने स्टाल तो लगा रखा है परंतु कोई ग्राहक नहीं दिख रहा है। वहां सिर्फ स्क्रीन लगा दिया गया है। कोई सुनने न देखने वाला नजर नहीं आता है। तमाम कुर्सियां खाली पड़ी हैं।
लगभग 36 दुकानों के विभिन्न स्थानीय उत्पादकों के स्टाल लगे हैं। परंतु दर्शक न होने से यहां सूना सूना सा लग रहा है। इस मेले का प्रचार प्रसार अभी होने लगे तो जरूर रौनक आएगी। घरेलू उत्पादक करने वालों का मनोबल बढ़ेगा। लेकिन जहां सरकार ‘स्वदेशी अपनाओ’ की मुहिम को जमीन पर उतारने के प्रयास कर रही है, वहीं ऐसे आयोजन बिना जनता के अधूरे लगते हैं।
जब जनता को इस बात का भरोसा होने लगेगा तो मेले से उन्हें सीधा लाभ मिलेगा। स्वदेशी मेले का उद्देश्य सराहनीय है, लेकिन जनभागीदारी, उचित प्रचार, वाजिब मूल्य, और स्थानीय जरूरतों को समझना भी जरूरी है।