संतकबीरनगर। जनपद में आशा कार्यकताओं को भड़का कर सरकारी कार्य में बाधा डालने की पुष्टि सीओ की जांच में उजागर हुआ। जिले के सभी सीएचसी अधीक्षक ने 28 मार्च को डीएम से मिलकर मामले की शिकायत किया था। सीओ की जांच में सीएचसी अधीक्षकों के आरोपों की पुष्टि हुई। जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी पर शिकंजा कसा।
डीएम को सौंपे शिकायत में जिले के समस्त चिकित्सा अधीक्षक ने बालगोविंद सिंह निवासी ग्राम बरईपार थाना बखिरा पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने एवं आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कार्य करने से मना करने का आरोप मढ़ा। कहा कि वह कोई विभागीय कर्मचारी नहीं है और न ही आशाओं द्वारा निर्वाचित कोई पदाधिकारी है। अपने को संघ का संरक्षक एवं पत्नी बघौली ब्लॉक की आशा है उसे जिलाध्यक्ष बताता है। जबकि आशाओं की निर्वाचित जिलाध्यक्ष सरोज यादव हैं।
आरोपी सभी आशा कार्यकर्ताओं को व्हाट्सएप ग्रुप में भ्रमित करके सरकारी कार्य व राष्ट्रीय कार्यक्रम को प्रभावित करता है। ग्रुप में बीसीपीएम, बीपीएम, सीएचसी अधीक्षक, सीएमओ को अधिकारी न बताकर आशा कार्यकर्ताओं को काम करने से रोकता है। अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करता है। खुद को आरटीआई कार्यकर्ता बताकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर दबाव बनाकर धन उगाही का प्रयास करता है।
आरोपी द्वारा राष्ट्रीय कार्यक्रम को संचालित करने के लिए जो धन की व्यवस्था है उसमें 20 प्रतिशत कमीशन की मांग की जाती है। मना करने पर विभिन्न प्रकार के आरोप लगाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है। आरोपी स्वास्थ्य विभाग में अपना एक गिरोह चलाता है। आरोप है कि उसके किए गए सभी कार्य सरकार के खिलाफ हैं।
सीएचसी अधीक्षक के शिकायत के बाद मामले की जांच सीओ सिटी अजीत चौहान को सौंपी गई। सीओ ने प्रकरण की संपूर्ण जांच की एवं अभिलेख व साक्ष्य का परीक्षण किया। मामले में आरोपी समेत अन्य लोगों के बयान दर्ज कराए। आशा कार्यकर्ताओं को भड़काने की पुष्टि हुई। उच्चाधिकारी स्तर से आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया गया।