सेमरियावां। गांव-गांव स्वास्थ्य सुविधाओं का दावा तो शासन-प्रशासन कर रहा है, लेकिन बदहाल अस्पतालों में न तो मरीजों को सही इलाज मिलता है और न ही अस्पतालों में जरूरी जांच सुविधाएं हैं। सीएचसी सेमरियावां में पैथाेलॉजी जांच की सुविधा लड़खड़ा गई है। सीबीसी (कंप्लीट खून गणना) जांच के लिए पहले केमिकल उपलब्ध नहीं रहा, अब केमिकल आ गया है तो मशीन खराब हो गई है। इससे पैथाेलॉजी लैब में खून की जांच नहीं हो पा रही है। प्राइवेट पैथाेलॉजी लैब में जांच कराने पर मरीजों को जेब ढीली करनी पड़ रही है।
क्षेत्र के निवासी इरशाद अहमद, जहीर अहमद, राम सागर, दयाराम, वसीम खान आदि ने बताया कि जांच के लिए सीएचसी में मशीन खराब कहकर वापस लौटा दिया जा रहा है। सीएचसी में करीब तीन सौ से अधिक प्रतिदिन मरीज इलाज के लिए आते हैं। मरीजों को खून जांच के लिए बाहर पैथाेलॉजी में जाना पड़ता है। राज कुमार, बशर, नूर मोहम्मद आदि ने बताया कि अस्पताल के पैथाेलॉजी लैब में जांच सुविधाओं का अभाव है। ब्लड शुगर जांच की मशीन जब से आई है तब से संचालित नही है। जिसके मरीजों को जांच के प्राइवेट पैथाेलॉजी लैब जाना पड़ता है। पैसे न होने पर गरीब मरीज जांच नहीं करा पा रहे हैं। लैब टेक्नीशियन की मानें तो इंजीनियर को प्रतिदिन फोन किया जा रहा है, लेकिन वह आ नहीं पा रहे हैं।
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सीबीसी मशीन खराब होने की जानकारी मिली है। इससे उच्चाधिकारियों को लेकर अवगत कराया गया है। मशीन को ठीक करने के लिए टेक्नीशियन को बुलाया गया है। जल्द ही मशीन ठीक हो जाएगी। -डॉ. सुरेश चंद्रा, अधीक्षक, सीएचसी सेमरियावां