कोतवाली क्षेत्र के पुरैना बागीचे में मंगलवार की रात साढे आठ बजे के करीब आम के पेड़ से लटकती हुई एक युवक की लाश मिली। घटना की सूचना पर आस-पास के लोगों के साथ पुलिस मौके पर पहुंच गई।
शव की पहचान बूधा कला निवासी 32 वर्षीय दिलीप कुमार के रुप में हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। मौके पर जुटे गांव के लोगों ने बताया कि दिलीप कुमार पुत्र रामकरन तीन भाईयों में बड़ा था।
उसके दोनों छोटे भाई भी रोजगार के सिलसिले में लुधियाना गए है। जबकि वह दिल्ली में रह कर मेहनत मजदूरी करता था। उसके माता- पिता की मौत पहले ही हो चुकी है।
दो दिन पूर्व दिलीप कमा कर घर लौटा था। उसके पास तीन बेटियां और एक बेटा है। मंगलवार की रात पुरैना बागीचे में रस्सी के फंदे से पेड़ से लटकती उसकी लाश मिलने की सूचना पर गांव के लोग जुट गए। कांटे चौकी इंचार्ज विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि बूधा कला के दिलीप कुमार पुत्र रामकरन के शव को कब्जे में लिया गया। गांव वालों ने फंदे से लटक रही लाश को पुलिस के पहुंचने से पहले ही नीचे उतार दिया था।
गांव के लोग यहीं बता रहे है कि वह दिल्ली से कमा कर घर लौटा था और पैसा नहीं लाया था। जिसको लेकर पत्नी से उसकी कहासुनी हुई थी। आशंका जताई जा रही है उसी वजह से वह आत्म हत्या कर लिया। वैसे मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।