संतकबीरनगर। बरसात के बाद मौसम की तल्लखी के बीच पीलिया के मामले बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 10 से 12 मरीज पीलिया से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में बुखार की शिकायत के साथ ही पीलिया के लक्षण पाए जा रहे हैं। चिकित्सक उपचार के साथ ही बचाव के तरीके बता रहे हैं। शनिवार को जिला अस्पताल में 1100 मरीज ओपीडी में पहुंचे। अधिकतर मरीज बुखार से पीड़ित थे। बच्चों और बड़ों की जांच में पीलिया के लक्षण पाए गए।
फिजिशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि दूषित जल के सेवन के कारण ही ऐसी बीमारियां फैलती हैं। पीलिया इसमें हावी होता है। ऐसे में बीमारी अपने साथ लेकर आता है। उन्होंने बताया कि रोज 10-12 मरीज पहुंच रहे हैं। बताया कि खानपान में सफाई की जरूरत है। सड़ी गली सब्जी और अन्य खाद्य पदार्थ से मुंह के जरिये फैलने वाला पीलिया रोग और अन्य बीमारियां हमलावर हैं, बचाव जरूरी है।
दूषित पानी, सड़ी-गली सब्जियों का सेवन सेहत पर भारी पड़ सकता है। इन दिनों ज्यादा संख्या में बच्चे पीलिया से पीड़ित हो रहे हैं। समय पर उपचार नहीं मिलने पर यह जानलेवा भी हो सकता है। इस समय मौसम भी तल्लख बना हुआ है। सावधानी बरतनी जरूरी है।
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पीलिया के लक्षण
- त्वचा और आंखों के सफेद भाग का पीला हो जाना।
- उल्टी करने का दिल करना या जी मिचलाना।
- पेशाब का रंग पीला होना और शौच का रंग सफेद होना।
- भूख न लगना, थकावट महसूस करना।
बचाव के उपाय
- फिल्टर, आरओ या फिर उबालकर ठंडा किए हुए पानी का ही सेवन करें।
- बासी भोजन, कटे और खुले फल और सब्जियां खाने से परहेज करें।
- बाहर खाते-पीते समय ध्यान रखें कि वहां साफ-सफाई की उचित व्यवस्था हो।
- अपने आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा रखें।