बघौली ब्लॉक के सईबुजुर्ग-बड़हरा गांव के लोगों ने सोमवार को बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। 15 महीने से जला ट्रांसफार्मर न बदले जाने का मुद्दा हाईकोर्ट तक पहुंचा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी बुनकर बाहुल्य गांव में ट्रांसफार्मर न बदले जाने से गांव वालों में गुस्सा है। बुनकरों ने प्रशासन को चेतावनी दिया कि यदि 15 दिन में ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो बखिरा-मेंहदावल मार्ग को जाम करने को बाध्य होंगे।
गांव निवासी याचिका कर्ता बुनकर गुलाम अली, मो तैयब, जावेद अख्तर, अरमान अली, इकबाल, रूखसार, अख्तर हुसेन, शमीम अख्तर, बाबूलाल, मुबारक, मोहम्मद शरीफ, अनवार, गरीबुल्लाह, बादुल्लाह, अब्दुल मजीद आदि ने बताया कि फरवरी 2015 में गांव में लगा ट्रांसफार्मर जल गया था। मांग के बाद जब ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो बुनकर गुलाम अली ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अक्टूबर 2015 में विभाग ने ट्रांसफार्मर बदलवाया। गांव वालों का आरोप था कि कुछ ही दिन बाद फिर ट्रांसफार्मर जल गया। उसके बाद से विभागीय अधिकारियों से कई बार आग्रह किया गया लेकिन ट्रांसफार्मर अभी तक नहीं बदला जा सका। बुनकर बाहुल्य गांव में करीब 15 महीने से बिजली आपूर्ति बंद है। ट्रांसफार्मर को बदलवाने के लिए विभागीय अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों मांग की गई,लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। याचिका कर्ता गुलाम अली का आरोप था कि उन्होंने इसके लिए दुबारा उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल किए है।
जिस पर उच्च न्यायालय ने 28 जनवरी 2016 को विभागीय अधिकारियों को ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया। आरोप था उसके बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा सका। गांव के लोगों को गर्मी के मौसम में बेहद परेशानी हो रही है। लोग मोबाइल तक चार्ज नहीं कर पा रहे है। मजबूर होकर प्रदर्शन का रास्ता अख्तियार करना पड़ा। प्रशासन को चेतावनी दिया कि यदि 15 दिन के भीतर ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया, तो बखिरा-मेंहदावल मार्ग को बंद कर दिया जाएगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों व शासन प्रशासन की होगी।
एक्सईएन सुबोध कुमार ने बताया कि सईबुजुर्ग में जिस जमीन में ट्रांसफार्मर लगाना है ,उसके मालिक ने मना कर दिया। पहले प्रशासन से मदद ली गई,मौके पर कानूनगो और लेखपाल गए और पैमाइश करके बताए कि जो व्यक्ति ट्रांफार्मर लगाने से मना कर रहा है, वाकई में वह जमीन उसी की है। जबकि जो याचीकर्ता है वह चाहते है कि उसी व्यक्ति की जमीन में ट्रांसफार्मर लगाया जाए। दोनों पक्षों में खुन्नस है। हाईकोर्ट में उपस्थित होकर शपथ पत्र दाखिल किया गया है कि दूसरी जगह ट्रांसफार्मर लगाने की अनुमति दी जाए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद ट्रांसफार्मर लगवाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।