जिस गांव को नौ साल में नहीं ढूंढ पाया विभाग, वह सर्वे में मिला
संतकबीरनगर। जिस गांव को विभाग नौ साल में नहीं ढूंढ पाया, वह सुविधाजनक जीवन के सर्वे में एप से मिला। इसका खामियाजा उस गांव के 60 अनुसूचित परिवार भुगते, जिन्हें अब तक पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया। डीआरडीए के परियोजना निदेशक की ओर से गांव सभा का प्रस्ताव लगाकर रिपोर्ट भारत सरकार को भेजा गया है, ताकि वंचित परिवारों को पीएम आवास योजना का लाभ दिया जा सके।
वर्ष-2011 में सामाजिक आर्थिक जातिगत गणना हुई थी। गणना करने वाली संस्था की चूक से बघौली विकास खंड के ग्राम पंचायत भटपुरवा के राजस्व गांव कईलदह की जगह स्थायी प्रतीक्षा सूची में उस गांव का नाम बेलडीह दर्ज हो गया। विकास विभाग कईलदह गांव के लाभार्थियों को पीएम आवास योजना का लाभ देने के लिए ढूंढता रहा, लेकिन वह गांव नहीं मिल पाया। जबकि कईलदह गांव में 60 अनुसूचित परिवार के लोग रहते है, जो पीएम आवास योजना के लिए पात्र हैं। इस गांव को ढूंढने में प्रशासन को नौ साल लग गए, जिसकी वजह से यहां के पात्रों को पीएम आवास योजना का लाभ अब तक नहीं मिल पाया है। इधर, सुविधा जनक जीवन का सर्वे शुरू हुआ तो एप से कईलदह गांव पकड़ में आया।
डीआरडीए के परियोजना निदेशक प्रमोद यादव ने बताया कि वर्ष-2011 में सामाजिक आर्थिक जातिगत गणना हुई थी। इसमें जिले में स्थायी पात्रता सूची में 45109 परिवार पात्र चिह्नित हुए थे। बाद में ग्राम पंचायतों की ओर से प्राथमिकता निर्धारित की गई। ग्राम सभाओं की खुली बैठकों में अपात्र चिह्नित कराए गए तो पात्रों की संख्या घटकर 27354 पहुंच गई। वर्ष-2015 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हुआ। वर्ष-2016 में फिर पात्रता की जांच हुई तो घटकर 21884 पात्र बचे। इसमें 19206 पात्रों को आवास आवंटित किया जा चुका है । जबकि 2678 लोग आवास योजना का लाभ पाने से शेष बचे। जांच में पाया गया कि इसमें कुछ लोग गांव में रहते हीं नही है, कहीं अंयत्र शिफ्ट हो गए हैं। कुछ पात्रों की जाति अलग दर्ज हो गई है। कुछ लोगों का अपने गांव की बजाए दूसरे गांव में नाम दर्ज हो गया है। ऐसा ही एक मामला बघौली विकास खंड के भटपुरवा ग्राम पंचायत के राजस्व गांव कईलदह का भी है। सामाजिक आर्थिक जातिगत जनगणना कराने वाली संस्था के कर्मियों की चूक की वजह से कईलदह गांव की जगह भारत सरकार की ओर से तैयार कराई गई स्थायी पात्रता सूची में बेलडीह दर्ज हो गया है। भटपुरवा के प्रधान लगातार राजस्व गांव कईलदह में रहने वाले 60 अनुसूचित पात्र परिवारों को पीएम आवास दिए जाने की मांग करते रहे, लेकिन गांव नहीं मिलने से यहां के पात्रों को लाभ नहीं दिया जा सका। इधर भारत सरकार की ओर से सुविधा जनक जीवन का सर्वे शुुरू कराया गया तो एप से कईलदह गांव पकड़ में आया हैं। दरअसल, कईलदह गांव की जगह त्रुटि से उस गांव का नाम बेलडीह दर्ज हो गया था। मामला पकड़ में आने के बाद यहां के पात्रों को पीएम आवास दिलाने की कोशिश शुरू कर दी गई है। ग्राम पंचायत की ओर से प्रस्ताव लेकर भारत सरकार को भेज दिया गया है। जैसे ही भारत सरकार की ओर से त्रुटि को दुरुस्त करा दिया जाएगा, वैसे हीं यहां के गरीब अनुसूचित परिवारों को पीएम आवास योजना का लाभ दे दिया जाएगा।