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हादसे के शिकार युवक की लालबाबू के रूप में हुई पहचान

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हादसे के शिकार युवक की लालबाबू के रूप में हुई पहचान
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संतकबीरनगर। तीन दिन पहले राष्ट्रीय राजमार्ग पर डीघा बाईपास के पास हुए हादसे के शिकार तीसरे युवक के शव की पहचान लालबाबू साहनी निवासी उझीलपुर थाना मेहसो, जिला मोतिहारी बिहार के रूप हुई। युवक लखनऊ से घर जाने के लिए बस से सफर कर रहा था और हादसे में उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया।
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इंडस्ट्रीयल एरिया के चौकी प्रभारी बलराम पांडेय ने बताया कि बुधवार की भोर में लखनऊ से गोरखपुर जा रही परिवहन निगम की कैंसरबाग डिपो की अनुबंधित बस डीघा बाईपास के पास हाईवे के किनारे खडी ट्रेलर से टकरा गई थी। रोडवेज बस के परिचालक शिव कुमार गौतम निवासी अहवा थाना सनना जिला सीतापुर, यात्री ओम प्रकाश साहनी निवासी मारीपुर मिलाव थाना मधुबन, मोतिहारी बिहार समेत तीन यात्रियों की मौके पर मौत हो गई थी। बस के चालक अशोक कुमार निवासी मुराऊटोला थाना बिसवा जनपद सीतापुर, राजीव निवासी खनवापुर थाना कांट जिला शाहजहांपुर, सौरभ गुप्ता निवासी इंदिरानगर, बी ब्लॉक थाना गाजीपुर लखनऊ, सुनील निवासी खरविटिया टोला मठ थाना पकड़ी दयाल मोतिहारी बिहार गंभीर रूप से घायल हो गए। बरेली जिले के निवासी दिनेश और उनकी पत्नी रंभा मामूूली रूप से घायल हो गई थीं। हादसे में मरे तीसरे शव की पहचान नहीं हो पाई थी। शुक्रवार को बिहार के मोतिहारी जिले के मेहसो थानाक्षेत्र के उझीलपुर के रहने वाले बच्चालाल पुत्र धुरंधर साहनी ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंच कर शव की पहचान छोटे भाई 32 वर्षीय लाल बाबू साहनी के रूप में की। बड़े भाई ने बताया कि लाल बाबू लखनऊ में रहकर काम करते थे। मंगलवार की रात 11 बजे लखनऊ से बस में सवार होकर गोरखपुर के लिए रवाना हुए थे। खलीलाबाद में डीघा बाईपास के पास हुए हादसे में मौत हो गई। अब तक जांच-पड़ताल में पता चला है कि बस के चालक अशोक कुमार लखनऊ से बस्ती जिले के हर्रैया तक बस चलाया। हर्रैया में किसी ढाबे पर भोजन करने के बाद सहचालक सुनील को ड्राइविंग सीट सौंप दी थी। बताया जा रहा है कि सहचालक सुनील ओवर स्पीड में बस चला रहा था और उसे झपकी आ गई थी।
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