कबीरचौरा परिसर में पर्यटकों के लिए बने शौचालय में लटका ताला। संवाद
मगहर। संतकबीर की निर्वाण परिनिर्वाण स्थली कबीर चौरा परिसर में पर्यटकों की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग ने तीन सुलभ शौचालयों का निर्माण कराया है। इनमें से दो को अभी तक इस्तेमाल के लिए खोला ही नहीं गया है, जबकि एक शौचालय जो मगहर महोत्सव मंच के बगल में है, सिर्फ उसे ही महोत्सव के समय खोला जाता है। स्थानीय लोगों ने पर्यटन स्थल होने से पर्यटकों के इस्तेमाल के लिए उसे खोले जाने की मांग की है।
पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार ने संतकबीर की परिनिर्वाण स्थली कबीर चौरा को स्वदेश दर्शन योजना में शामिल कर विश्व पटल पर स्थापित करने के लिए कई योजनाओं के साथ पूरे परिसर को विकसित व सुंदरीकरण करने का कार्य किया है।
इसके क्रम में परिसर में तीन शौचालयों का भी निर्माण कराया गया है, जिसका मकसद है कि यहां कबीर दर्शन को आने वाले पर्यटकों को कोई असुविधा न हो। इसमें एक शौचालय कबीर मुख्य द्वार के पास, दूसरा मगहर महोत्सव मंच के बगल में और तीसरा डारमेट्री के पास बनाया गया है।
वर्तमान में तीनों प्रसाधनों पर ताला लटक रहा है। महोत्सव मंच के बगल में स्थित शौचालय का इस्तेमाल सिर्फ महोत्सव के समय ही किया जाता है। महोत्सव खत्म होने के बाद इस पर भी ताला लग जाता है।
सभासद अतुल श्रीवास्तव, खलील खान, त्रिलोकीनाथ वर्मा, हाजी फिरोज अहमद, ओबैदुन्नबी, मिनहाज मलिक, मो. अकरम आदि का कहना है कि मगहर में संतकबीर की परिनिर्वाण स्थली है। जहां कबीर की समाधि व मजार दोनों बने हैं। यहां कबीर दर्शन के लिए देश दुनिया से बड़ी संख्या में लोग आते हैं। ऐसे में शौचालयों का ताला नियमित रूप से खुलना चाहिए।
इस संबंध में पर्यटन अधिकारी विकास नारायण ने बताया कि यहां की व्यवस्था नगर पंचायत को हैंडओवर कर दी गई है। जब तक इन शौचालयों पर कोई व्यक्ति नियुक्त नहीं होता है तब तक यह सुरक्षित नहीं रह पाएगा। इसके लिए नगर पंचायत प्रशासन से कहा गया है।