लोहरौली। सांथा ब्लॉक की ग्राम पंचायत परसिया में चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन कथावाचक आचार्य धनंजय ने शिव विवाह और श्रीराम जन्म की कथा सुनाई।
आचार्य ने बताया कि श्रीराम जन्म के समय देवताओं ने फूलों की वर्षा की। कहा कि राम कथा का पूर्ण आनंद तभी मिलता है, जब वक्ता और श्रोता दोनों सुर-लय में कथा का रसपान करें। शिव विवाह प्रसंग में उन्होंने बताया कि शिवजी के गणों ने उनका विशेष शृंगार किया। शिवजी ने सर्पों के कुंडल और कंगन पहनें। विभूति रमाई और बाघंबर धारण किया। इस अनूठी बारात को देखने देवी-देवता भी पहुंचे।
कथावाचक ने श्रोताओं को सचेत करते हुए कहा कि भगवान का कैमरा हर जगह लगा है। वह सभी के कर्म रिकॉर्ड करता है। इसलिए हमें अपने कर्मों पर सदैव ध्यान रखना चाहिए। कथा में आरती के बाद भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर भक्तों की भीड़ रही।