एसडीएम के कक्ष में जबरन घुसकर दुर्व्यवहार करने और नायब तहसीलदार के साथ धक्का मुक्की करने वाले असली आरोपी को पुलिस ढूंढ रही है। जिस पर शख्स पर दुर्व्यवहार का नामजद केस दर्ज कराया गया था, उसे जब पुलिस ने एसडीएम के समक्ष पेश किया तो उन्होंने कहा कि यह असली आरोपी नहीं है।
नायब तहसीलदार दीपक गुप्ता ने रविवार को भाजपा नेता अशोक कुमार उर्फ साधू यादव के विरुद्ध धनघटा थाने में केस दर्ज कराया था कि वह एसडीएम कक्ष में जबरन घुस कर उनके और एसडीएम के साथ दुर्व्यवहार किया। बाद में जब पुलिस ने अशोक कुमार उर्फ साधू यादव को पेश किया तो उन्हें पहचानने से एसडीएम और नायब तहसीलदार ने इंकार कर दिया। एसडीएम कीर्तिका ज्योत्सना ने एसओ धनघटा को निर्देश दिया कि बवाल करने वाला दूसरा शख्स था। साधू यादव को घर जाने दिया जाए।
उसी समय से धनघटा पुलिस उस शख्स की तलाश में जुटी हुई है जिसने इस तरह का दुस्साहस किया था, लेकिन घटना के चार दिन बाद तक भी पुलिस आरोपी की तलाश नही कर पाई। जिससे तरह- तरह की चर्चा होने लगी है। लोगों का कहना है कि जब अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार करने वाले आरोपी को पुलिस नहीं पकड़ पा रही है तो आम आदमी को मारने पीटने वाले कैसे पकडे़ जाएंगे।
एसडीएम ने बताया कि उनके साथ जो दुर्व्यवहार किया था,उसका चेहरा देख कर वह पहचान जाएंगी। अशोक उर्फ साधू यादव उनके समक्ष आए थे, लेकिन वह दुर्व्यवहार करने वाले नहीं थे। भाजपा के जो अन्य लोग असली आरोपी के साथ अनुमति के लिए आए थे,वह असली आरोपी को बताने से कतरा रहे हैं। वैसे एसओ को निर्देश दिया गया है कि असली आरोपी को ढूंढ निकाले। एसओ ईश्वरचंद्र प्रधान ने बताया कि इस मामले में जांच की जा रही है। जल्द ही असली आरोपी पुलिस की पकड़ में होगा।