संतकबीरनगर। पूर्वांचल विद्युत निगम और दक्षिणांचल विद्युत निगम के निजीकरण के विरोध में सोमवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। बिजली कर्मियों ने निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त किए जाने की मांग की।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने कहा कि निजीकरण की प्रक्रिया निजी घरानों से मिली भगत है। उन्होंने कहा कि निजीकरण के लिए तैयार किया गया स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट 2025 पूरी तरह एक तरफा है और निजी कंपनियां के पक्ष में बनाया गया है। उन्होंने कहा कि निजीकरण उपभोक्ताओं व कर्मचारियों के हित में नहीं है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी आर्यन कुमार ने आरोप लगाया कि प्रबंधन और शासन के कुछ उच्च अधिकारी निजी घरानों के साथ मिले हुए हैं और सरकार को अंधेरे में रखकर निजीकरण थोपना चाहते हैं, जिससे सरकार पर वित्तीय बोझ भी बढ़ेगा। संवाद