तामेश्वरनाथ मंदिर स्थित पोखरे की फोटो
संतकबीरनगर। जिले के ऐतिहासिक तामेश्वरनाथ धाम का पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित करने की योजना अधूरी रह गई है। करीब एक साल पहले सदर विधायक के पहल पर क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी व प्रशासनिक अधिकारियों ने धाम के विकास की कार्ययोजना पर मंथन किया था।
इस पर करीब सात करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, लेकिन अभी तक यहां कुछ भी नहीं हो सका है। कारण यह है कि शासन से अभी तक इसके लिए धन उपलब्ध नहीं हो सका है।
सावन के महीने में महाभारतकालीन ऐतिहासिक तामेश्वरनाथ मंदिर पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है। साथ ही कांवड़िए भी जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। वहीं महाशिवरात्रि में एक महीने तक यहां मेला लगता है।
इसके साथ ही प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालु भोले शंकर को जल चढ़ाने के लिए आते हैं। इसके बाद भी धाम में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इसे देखते हुए सदर विधायक अंकुरराज तिवारी ने इसके विकास की पहल की। करीब एक साल पहले सदर विधायक, एसडीएम सदर, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, आर्किटेक्ट व जेई ने तामेश्वरनाथ धाम पहुंचकर कर विकास का खाका तैयार किया था।
इसके तहत धाम को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत, पथ प्रकाश व्यवस्था, महिलाओं के स्नान घर, धर्मशाला, पोखरे का सुंदरीकरण, श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बेंच लगाने, पार्क का निर्माण, पोखरे पर फौव्वारा का निर्माण सहित विभिन्न कार्य कराए जाने थे। यह योजना अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। इसकी वजह यह है कि शासन ने अभी तक धाम के विकास के लिए बजट नहीं उपलब्ध कराया है।