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Sant Kabir Nagar News: दो बार किया ऑपरेशन फिर भी ठीक नहीं हुआ पैर, लगा जुर्माना

Sun, 23 Mar 2025 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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संतकबीरनगर। लापरवाही पूर्वक एक व्यक्ति के पैर का ऑपरेशन करने पर उपभोक्ता फोरम ने जिला अस्पताल के आर्थोपेडिक सर्जन को तीन लाख रुपये 10 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ पीड़ित को देने का फैसला सुनाया है। आरोप है कि दो बार ऑपरेशन करने के आद भी पैर ठीक नहीं हुआ। जब दूसरी जगह ऑपरेशन कराया तो पैर सही हुआ। पीड़ित भूपेंद्र प्रताप सिंह पुत्र शेर बहादुर सिंह निवासी बधुआ पोस्ट कोपिया परिवाद दाखिल कर कहा कि चार मार्च 2022 को ट्रेलर से नेढुला चौराहे पर धक्का लग जाने से मोटरसाइकिल से गिर गया। उसके बाएं पैर के घुटने के ऊपर तथा बाएं हाथ की उंगली में चोट लग गई।
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वह इलाज के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय में गया जहां डॉक्टर अमित सिंह आर्थोपेडिक सर्जन ने प्राथमिक उपचार के बाद उसी दिन एडमिट किया और पांच मार्च 2022 को सर्जरी की। चिकित्सक ने अपनी निजी फीस ली और प्लेट व दवा बाहर से मंगाया था। 10 मार्च को ओटी में ले जाकर चिकित्सक ने उंगली काट दी और पैर का ऑपरेशन कर पैर में प्लेट डाल दिया तथा 12 मार्च को डिस्चार्ज कर दिया।
21 मार्च को टांका काटने के लिए बुलाया। टांका काटने के बाद पांच अप्रैल 2022 को रुटीन चेकअप में पैर में परेशानी बताने पर चिकित्सक ने एक्सरे कराया गया। जिसमें प्लेट में लगे पेंच ढीले पाए गए। उसी दिन दोबारा ऑपरेशन की गई। पीड़ित ने अपने पैर में परेशानी सूजन तथा टेड़ापन के संबंध में शिकायत की।
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जिस पर चिकित्सक ने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद उसने दूसरे डाॅक्टर को दिखाया। उनकी सलाह पर बस्ती जनपद में ऑर्थोपेडिक सर्जन को दिखाया। डाॅक्टर ने कहा कि दो बार ऑपरेशन से तथा दुर्घटना में लगी चोट से घुटना न मुड़ने तथा हड्डी न बनने की दशा में आजीवन दिव्यांग की श्रेणी में आ गया।
जिला उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह व महिला सदस्य संतोष ने कहा कि परिवादी व चिकित्सक के बीच उपभोक्ता और सेवा दाता का संबंध है। डॉक्टर अमित सिंह ने पीड़ित का ऑपरेशन प्राइवेट रूप में किया था।
पैर का दो बार ऑपरेशन करने में घोर लापरवाही बरती गई। इलाज का संपूर्ण खर्च तीन लाख रुपये 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से 60 दिन के अंदर पीड़ित को भुगतान करने का आदेश दिया है।
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