राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर बुधवार को भी विभिन्न विभागों के कर्मचारी कलमबंद हड़ताल पर रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
दो दिवसीय कमलबंद हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष विजय प्रताप पाल के नेतृत्व में मेंहदावल बाईपास पर एकत्र हुए।
यहां से नारेबाजी करते हुए कर्मचारी संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुुंचे और दस सूत्रीय मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट कर्मचारियों के हित में नहीं है।
राज्य कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की तरह समस्त भत्तों की समानता प्रदान करने की मांग करते हुए नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त करते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग दोहराई। कर्मचारियों ने कहा कि अभी तक का जमा धन निश्चित लाभ के साथ प्रतिवर्ष घोषित किया जाए।
पूर्व में लागू नकदीकरण व्यवस्था को बहाल किया जाए। अध्यक्ष विजय प्रताप पाल ने कहा कि वर्तमान सरकार का कार्यकाल करीब चार साल समाप्त होने को है, लेकिन मुख्यमंत्री स्तर पर कर्मचारियों के साथ एक भी औपचारिक वार्ता न होने के कारण संवाद हीनता की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
मंत्री राम भजन यादव ने कहा कि शासन द्वारा कर्मचारी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। इसा दौरान ट्रेड यूनियन कौंसिल के अध्यक्ष शिव कुमार गुप्ता, अनिल कुमार मिश्र, राजेश श्रीवास्तव, अजय कुमार वर्मा आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।