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Sant Kabir Nagar News: पानी कम पीने से बढ़े पथरी के मरीज, रोजाना आ रहे 10 मामले

Fri, 05 Dec 2025 01:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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जिला अस्पताल में मरीजों की जांच करते चिकित्सक-संवाद
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संतकबीरनगर। बदलती जीवन शैली और पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने की आदत के कारण गुर्दे और पित्त की थैली में पथरी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी हर दिन 10 से 12 मामले पहुंच रहे है। चिकित्सक अल्ट्रासाउंड करा रहे हैं तो पथरी की शिकायतें मिल रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि ठंड में प्यास कम लगने पर पानी कम मात्रा में पीने को कारण गुर्दे और पित्त की थैली में पथरी के मामले बढ़ गए हैं। चिकित्सक पर्याप्त पानी पीने की सलाह के साथ जरूरी दवाएं दे रहे हैं।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि इन दिनों पथरी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। कारण कि सर्दी में गर्मी की तुलना में लोग दिनभर में पानी कम पीते हैं। जबकि सामान्य रूप से एक व्यक्ति को पूरे दिन में तीन से चार लीटर पानी पीना चाहिए। इसके अलावा आधुनिक जीवन शैली अपनाने और पारंपरिक संतुलित भोजन के बजाय फास्ट फूड लोग ज्यादा खा रहे हैं। इसलिए पथरी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि गुर्दे में पथरी, कैल्शियम पथरी, बिलियरी पथरी की परेशानी रोगियों में देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि पानी की कमी पथरी का बड़ा कारण हो सकता है।
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बीमारी से ऐसे बचेंः
बार-बार पेशाब की समस्या को नजर अंदाज न करें। पेट या पीठ में तेज दर्द होने पर तुरंत जांच कराएं। मौसमी फल और सब्जियों का सेवन करें। ज्यादा तला-भुना और नमकयुक्त भोजन से बचें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। ठंड में भी लगातार पानी पीते रहें। सामान्य नहीं तो गुनगुना पानी पीते रहें।
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कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से पित्त की थैली में पथरी की संभावना ज्यादा

डॉ एसडी ओझा ने बताया कि कोलेस्ट्रॉल ज्यादा मात्रा में बढ़ने पर भी पित्त की थैली में पथरी होने की संभावना ज्यादा होती है। इस कारण लीवर से ज्यादा कोलेस्ट्रॉल बनने से क्रिस्टल बन जाते हैं, वही आगे चलकर पथरी का रूप का ले लेते हैं। उन्होंने बताया कि आजकल पित्त की थैली में पथरी का कारण मोटापा, कम मात्रा में कैलोरी लेना, एकसाथ वजन घटाना, ज्यादा लंबे समय तक भोजन न करना भी है। महिलाओं में गर्भावस्था के समय एस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ने से भी पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है।
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गलत खानपान भी बीमारी की वजह

चिकित्सकों ने बताया कि अगर समय रहते लक्षणों को पहचान कर जांच कराई जाए तो बड़ी समस्या से बचा जा सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि गुर्दे, पित्ताशय और मूत्र मार्ग में पथरी बनने की संभावना ज्यादा रहती है। शरीर में पानी की कमी, अधिक नमक व तेलयुक्त भोजन, सॉफ्ट ड्रिंक और जंक फूड का सेवन प्रमुख कारण हैं। पथरी बनने के बाद तेज दर्द होता है। उल्टी, पेशाब में जलन और खून आने जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं।

जिला अस्पताल में मरीजों की जांच करते चिकित्सक-संवाद

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