मांगों को लेकर अधिशासी अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए बिजली कर्मी । संवाद
संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में शनिवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने कहा कि निजीकरण और कर्मचारियों के उत्पीड़न को लेकर आंदोलन तेज किया जाएगा। विद्युत संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप सिंह ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में एक वर्ष से आंदोलन चल रहा है। सात दिसंबर को लखनऊ में बैठक कर संघर्ष की समीक्षा करते हुए आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया जाएगा। संघर्ष समिति के पदाधिकारी श्रवण प्रजापति ने कहा कि निजीकरण के विरोध के चलते पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन ने एक वर्ष में मनमाने ढंग से अत्यंत अल्प वेतन भोगी हजारों संविदा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। फेसियल अटेंडेंस के नाम पर महीनों तक बिजली कर्मियों का वेतन रोक कर रखा गया है। तरह तरह से कर्मियों का उत्पीड़न किया गया। ऐसे में अब आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, अमरनाथ यादव, उमेश चौधरी, प्रदुम कुमार, विजय कुमार, धीरेंद्र यादव, वीरेंद्र मौर्य, अशोक कुमार, देवदत्त पासवान, वीरेंद्र पासवान, रंजन कुमार आदि कर्मी मौजूद रहे।