ठंड के दौरान स्कूल जा रहे बच्चे । संवाद
- फोटो : सियार के हमले में घायल सुंदर।
संतकबीरनगर। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ गिरने से तापमान में लगातार गिरावट हो रही है। ठंड का असर बढ़ गया है। गरीबों व कामगारों की मुसीबत बढ़ गई है। लेकिन, अब तक ठंड से बचाव के इंतजाम नहीं हो सके हैं। जिला मुख्यालय पर अब तक रैन बसेरा भी सक्रिय नहीं हैं।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जबकि दो दिन पूर्व न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। तापमान में आ रही गिरावट से ठंड बढ़ गई है। खासकर सुबह और शाम को ठंड का असर ज्यादा दिख रहा है। इससे गरीब और मजदूर तबके के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
खलीलाबाद के आजाद चौक पर सुबह काम की तलाश में आने वाले मजदूर परेशान दिख रहे हैं। यहां मिले भगवान दास, कोमल आदि ने बताया कि सुबह के समय ठंड परेशान कर रही है। इसके बाद भी अब तक ठंड से बचाव के लिए पालिका प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया है। यही नहीं जिला मुख्यालय के बंजरिया में रैन बसेरा और रेलवे स्टेशन पर शेल्टर होम बना है, लेकिन यहां अभी कोई व्यवस्था नहीं है।
मेंहदावल बाईपास पर पूर्व में बना रैन बसेरा सुंदरीकरण के नाम पर हटा दिया गया है। गरीबों को ठंड से बचाने के लिए प्रशासन की तरफ से दिए जाने वाले कंबल की भी व्यवस्था नहीं हुई है। पालिका प्रशासन ठंड के और बढ़ने का इंतजार कर रहा है, तब अलाव की व्यवस्था होगी। इधर ठंड बढ़ने के साथ ही लोग ऊनी कपड़े के सहारे हो गए हैं। इससे ऊनी कपड़ों का बाजार गर्म हो गया है। बरदहिया बाजार में लोग ऊनी कपड़ों की खरीदारी करने पहुंच रहे हैं।
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ठंड में इजाफा हो रहा है। इसको देखते हुए बचाव के लिए इंतजाम शुरू कर दिए गए हैं। रैन बसेरों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही कोहरा और ठंड बढ़ेगा तो शहर के प्रमुख स्थानों पर अलाव की व्यवस्था भी कराई जाएगी। -जगत जायसवाल, अध्यक्ष नगर पालिका खलीलाबाद