धनघटा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मंगलवार को धनघटा स्थित दानीनाथ मंदिर से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का पथ संचलन निकाला गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने सड़कों पर पथ संचलन कर राष्ट्रीय एकता, सनातन धर्म की रक्षा और आत्मरक्षा का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में शिव मंदिर परिसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रांत प्रचारक गोरक्ष प्रांत रमेश ने कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है और सनातन धर्म की रक्षा के लिए हर हिंदू को सजग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पथ संचलन का उद्देश्य समाज में राष्ट्रप्रेम और धर्मनिष्ठा की भावना जागृत करना है। कहा कि 1930 में संघ की प्रत्येक शाखा पर स्वतंत्रता दिवस मनाया गया।
सनातन संस्कृति ही हमें सर्वे भवन्तु सुखिनह कहने का अवसर देता है। हमारी राष्ट्र भक्ति पर सवाल खड़े नहीं हो सकते। देश की स्वतंत्रता के बाद भी गोवा पुर्तगालियों के कब्जे में था जिसे स्वयंसेवको ने अपनी जान पर खेलकर आजाद कराया था। हमने किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मानना है कि भारत का हर व्यक्ति सनातनी है, भारत में जन्म लेने वाले भारतीय हैं। सबकी पूजा पद्धति अलग हो सकती है लेकिन सभी के मूल में हिंदू ही है। डॉक्टर साहब ने कहा था कि देश में मरने वाले जितने श्रेष्ठ हैं उतने ही श्रेष्ठ देश के लिए जीने वाला भी है संघ की शाखा में देश के लिए जीना और मरना सिखाया जाता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता द्वाबा विकास इंटर काॅलेज धनघटा के प्रधानाचार्य अनिल कुमार सिंह ने किया। इस मौके पर बस्ती विभाग की विभाग प्रचारक ऋषि, विभाग के सह कार्यवाहक महेंद्र नारायण, जिला कार्यवाह सौरभ, जिला प्रचारक धीरज, शैलेश, प्रमोद, राजेंद्र, धनघटा विधायक गणेश चौहान, नगर पंचायत हैसर बाजार की अध्यक्ष रिंकू मणि, नीलमणि आदि मौजूद रहे।