रोसयाबाजार। पौली क्षेत्र के ग्राम पंचायत धौरहरा में चल रही गायत्री महायज्ञ व श्रीराम कथा में कथा वाचक शुभम दास ने शनिवार को प्रवचन में कहा कि कथा का श्रवण करने से मनुष्य के मन को शांति मिलती है और जीवन की कठिनाइयों से लड़ने की शक्ति प्राप्त होती है।
प्रभु श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, सत्य, प्रेम और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता है। उनके आदर्शों को अपनाकर मनुष्य अपने जीवन को सुखमय और सार्थक बना सकता है।
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उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा का श्रवण करने मात्र से मन में भक्ति और सकारात्मक विचारों का संचार होता है। भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना किया लेकिन कभी भी सत्य और धर्म का मार्ग नहीं छोड़ा। उन्होंने माता-पिता की आज्ञा का पालन करते हुए राजमहल के सुखों का त्याग कर वनवास स्वीकार किया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, संयम और मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
कथा वाचक ने कहा कि वर्तमान समय में भागदौड़ भरी जिंदगी के कारण मनुष्य तनाव और परेशानियों से घिरा रहता है। ऐसे में श्रीराम कथा का श्रवण उसे मानसिक शांति प्रदान करने के साथ ही परिवार और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है।