संतकबीरनगर। डीएम महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें खाद-बीज की समस्या का मुद्दा छाया रहा। साथ ही धान क्रय केंद्रों पर आने वाली समस्या को भी उठाया गया। जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव ने बताया गया कि वर्तमान में 900 मीट्रिक टन डीएपी एवं एनपीके उर्वरक सहकारिता में और 300 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र में उपलब्ध हुआ है। जिनमें से प्रत्येक समिति को 99 मीट्रिक टन उपलब्ध करा दिया गया है। जिसका वितरण समितियां के द्वारा किया जा रहा है। वहीं सहायक आयुक्त सहकारिता ने बताया कि जो समितियां संचालित नहीं हैं, उनके कृषकों को उर्वरक नजदीकी समितियां के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है, जिसका रोस्टर तैयार कर समितियां पर चस्पा कर दिया जाएगा।
बैठक में डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि जनपद में उर्वरक की कमी नहीं है। शासन से वार्ता करते हुए नियमित रूप से उर्वरक प्राप्त की जा रही है, जिसे प्रत्येक सप्ताह रोस्टर तैयार करते हुए समितियां एग्री जंक्शन सेंटर पर बिक्री के लिए भेजा जा रहा है। किसान अपनी मांग के अनुसार जमीन में उर्वरक की आवश्यकता के अनुसार क्रय करें। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उर्वरक वितरण के लिए कर्मचारियों को नियमित रूप से क्षेत्र में भेज कर निगरानी रखें। किसी भी प्रकार के ओवरराइटिंग एवं डीएपी उर्वरक के साथ अन्य कोई उत्पाद टैग न किया जाए।
धान क्रय के संबंध में डीएम ने किसानों को अवगत कराया गया कि अब तक कुल 86 क्रय केंद्र स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 58 क्रियाशील हो चुके हैं। शेष शीघ्र क्रियाशील कर लिए जाएंगे। डीएम ने संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि सम्मान निधि योजना के अंतर्गत अगर नए किसान आवेदन करते हैं तो उन्हें अनावश्यक तहसील एवं कृषि विभाग में चक्कर न लगवाया जाए।