जिलाअस्पताल में बन कर तैयार हुआ मैटरनिटी।
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अस्पताल शुरू नहीं हुआ, 33 लाख का बिजली बिल आ गया
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल परिसर में बने 100 बेड के मैटरनिटी विंग का अभी उद्घाटन भी नहीं हुआ। लेकिन बिजली विभाग से 33 लाख रुपये का बिल आ गया है। निर्माण कार्य करा रही संस्था निर्माण निगम ने इसके भुगतान के लिए बिल सीएमएस को भेज दिया है जबकि सीएमएस का कहना है कि यह निर्माण निगम की जिम्मेदारी है। उधर, बिल का भुगतान नहीं होने पर विद्युत निगम ने इस नए अस्पताल का कनेक्शन काट दिया है।
दरअसल, जिला अस्पताल परिसर में 19 करोड़ की लागत से 100 बेड का मैटरनिटी विंग का निर्माण कराया गया है। यह भवन तकनीकी कारणों से अब तक हैंडओवर नहीं किया गया है। इसके चलते अस्पताल का संचालन भी नहीं हो रहा है। विंग का निर्माण करने वाली कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम ने कराया है। निर्माण शुरू होने से पूर्व कार्यदायी संस्था ने विद्युत निगम से कनेक्शन लिया था। करीब तीन साल निर्माण चला। छह माह पूर्व निर्माण कार्य पूरा हुआ। इस दौरान जो बिजली उपभोग की गई उसका बिल 33 लाख रुपये आया है। कार्यदाई संस्था निर्माण निगम ने इसे जिला अस्पताल का मामला बताते हुए बिल सीएमएस कार्यालय को भेज दिया है। निर्माण निगम की तरफ से सीएमओ को पत्र भेजकर इस बिल को जमा करने का अनुरोध किया गया है। सीएमएस ने जब 33 लाख का विद्युत बिल बकाया देखा तो सकते में आ गए। उन्होंने इस बिल के भुगतान से मना कर दिया। वहीं, निर्माण निगम इसे जिला अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी बताकर अपना पल्ला झाड़ रहा है। दो विभागों के झगड़े को कारण विद्युत निगम ने इस नए बने भवन का कनेक्शन ही काट दिया है।
इस संबंध में सीएमएस डॉ पंकज टंडन ने बताया कि बिजली का उपभोग राजकीय निर्माण निगम ने किया है। उसने ही कनेक्शन लिया था। इसका भुगतान भी निर्माण निगम को ही करना चाहिए। जिला अस्पताल इस विद्युत बिल का भुगतान नहीं करेगा। यह नियम विपरीत है।