सांथा। विकास खंड के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर तैनात 31 कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं पर विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में मानदेय रोका गया है। चेतावनी के बाद भी कार्यशैली में सुधार न लाने पर मुख्य सेविका मधु चतुर्वेदी ने कड़ा रुख अपनाते हुए इन सभी का जून का मानदेय अग्रिम आदेशों तक बाधित करने की संस्तुति की है।
उक्त मामले का पत्र बाल विकास परियोजना अधिकारी सांथा को भेज दिया गया है। मुख्य सेविका मधु चतुर्वेदी ने बताया कि क्षेत्र के कई आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन, मासिक बैठकों में अनुपस्थिति, मासिक रिपोर्टिंग में देरी और अभिलेखों के रख रखाव में भारी अनियमितताएं मिल रही थीं।
इसके अतिरिक्त शासन की महत्वाकांक्षी योजना पोषण ट्रैकर एप पर दैनिक साप्ताहिक एवं मासिक फीडिंग न करने तथा समय से केंद्र न खोलने की भी शिकायतें आम थीं। लगातार दी गई लिखित व मौखिक चेतावनी के बाद भी संबंधित कार्यकर्ताओं की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं देखा गया।
इस लापरवाही के कारण ब्लॉक स्तर की रिपोर्ट राज्य स्तर के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप नहीं मिल पा रही थी, जिससे उच्च स्तर पर विभाग की छवि धूमिल हो रही थी। मुख्य सेविका द्वारा जारी सूची के अनुसार लोहरसन, पसाई, बनेथू, निघुरी, गोबडौरी, प्रसादपुर, हसनी, पुरैना, रमवापुर, जसवाल, करहना, बौरब्यास, बेलराई, कसया, बनौली खजुरी, रजउर, जममाताल, पुनया, सेवहा चौबे, मझारीकला, धर्मसिंहवा, मेहदूपार, सेवाइचपार सहित कुल 31 केंद्रों की कार्यकर्ता इस कार्रवाई की जद में आई हैं।
चेतावनी के बाद भी कार्यों में सुधार न करने और पोषण ट्रैकर पर फीडिंग न करने के कारण यह कदम उठाया गया है।