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Sant Kabir Nagar News: अयोध्या से गोरखपुर तक जगमगएगा हाईवे, लगाए जाएंगे 2100 खंभे

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हाईवे के डिवाइडर पर खंभे लगाने का काम शुरू, डिवाइडर पर सुरक्षा के लिए लगाई जाएगी ग्रिल
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सुरक्षा के लिहाज से अभी और काम करने की जरूरत, कहीं सड़क डिवाइडर के बराबर तो कहीं ग्रिल ही टूटी है
संतकबीरनगर। अयोध्या से गोरखपुर तक हाईवे अब दूधिया रोशनी से जगमगएगा। इसके लिए सड़क के डिवाइडर पर 2100 खंभे लगाए जाएंगे। डिवाइडर पर खंभे लगाने का काम शुरू भी हो गया है। इससे आवागमन में सहूलियत होगी। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से हाईवे पर अभी और भी काम करने की जरूरत है। इसके अलावा हो चुके कार्यों की निगरानी की भी आवश्यकता है।
रामनगरी अयोध्या से गोरक्षभूमि की दूरी 134 किलोमीटर है। गोरखपुर में भीटी रावत से गोरखपुर शहर तक पहले से ही लाइट लगी है। इसके अलावा बाकी स्थानों पर भी हाईवे स्थित टोल प्लाजा व अन्य स्थानों पर लाइटें लगी हैं। अब बाकी बचे स्थानों पर खंभे लगाने का काम चल रहा है। कुल 2100 खंभों पर 4200 लाइटें लगाई जाएंगी। इसके लिए एनएचएआई की ओर से काम भी शुरू हो चुका है।
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खलीलाबाद के नेदुला में काम रहे मजदूरों ने बताया कि अयोध्या से गोरखपुर तक यह काम होगा, इससे आवागमन सुरक्षित होगा। डिवाइडर के अलावा ऐसे ओवरब्रिज जिनकी सर्विस रोड पर लाइट नहीं लगी है। वहां भी लाइट लगाई जाएगी। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से देखें तो हाईवे पर अभी और काम करने की जरूरत है। इसके साथ ही जो काम हो चुके हैं, उनकी भी विशेष रूप से निगरानी की जरूरत है।
खलीलाबाद से नेदुला के बीच स्थिति यह है कि सड़क डिवाइडर के लगभग बराबर हो गई है। इससे कोई वाहन अनियंत्रित होने की स्थिति में आसानी से दूसरी लेन में जा सकता है। सबसे गंभीर यह है कि डिवाइडर पर रेलिंग अथवा ग्रिल दोनों नहीं है। यही हाल मगहर के पास भी है। जहां सड़क डिवाइडर के लगभग बराबर है।
इसके अलावा खलीलाबाद से मगहर की ओर जाने पर ओवरब्रिज से उतरते ही बाएं तरफ का ग्रिल टूटा है, जिससे कोई भी बाइक अथवा चार पहिया वाहन सड़क पर अचानक आ सकता है। इसी तरह मंजरिया के पास सड़क किनारे लगी बैरिकेडिंग लोगों ने तोड़ दी है। इससे भी किसी जानवर के आने पर हादसे का खतरा हो सकता है। डीघा से खलीलाबाद की तरफ आने पर बरदहिया के पास ग्रिल टूटी है, जिससे कोई व्यक्ति अथवा जानवर अचानक सड़क पर आ सकता है। इससे हादसे का खतरा है। कुल मिलाकर हाईवे को रोशनी से जगमग करने के साथ-साथ सुरक्षा के अन्य उपायों पर भी काम करने की जरूरत है।

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मगहर में हो चुका है हादसा
मगहर पुलिस चौकी के पास डिवाइडर पर रेलिंग न होने के चलते एक बेकाबू ट्रेलर ने 25 मार्च को दूसरी लेन में जाकर बाइक सवारों को टक्कर मार दी थी, जिसमें मगहर निवासी 50 वर्षीय कमलेश की मौत हो गई थी। हादसे में उनका बेटा कमलेश का 18 वर्षीय घायल हो गया था।
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रसूलाबाद में अब तक नहीं बनी पुल की टूटी रेलिंग
मगहर के रसूलाबाद गांव के पास 20 मार्च को बस्ती से गोरखपुर की ओर जा रही कंबाइन मशीन पुल की रेलिंग तोड़ते हुए पुल से लटक गई। हादसे में कंबाइन मालिक की मौत हो गई, जबकि उस पर सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस पुल की रेलिंग अब तक नहीं बनी है।
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