संतकबीरनगर। संतोष तिवारी उर्फ भोला बाबा की हत्या का मुख्य आरोपी आलोक सिंह उर्फ रणवीर सिंह वास्तव में उसका पुराना मित्र था। दोनों कारोबार एकसाथ करते थे। शराब पीने के दौरान दोनों में जमकर मारपीट भी होती थी, लेकिन बाद में एक हो जाते थे। माॅडल शाॅप पर भी मारपीट हुई थी। उसके बाद भी दोनों में बातचीत होती रही। लेकिन, जब मारपीट का वीडियो वायरल हो गया तो आलोक के आत्मसम्मान को काफी ठेस पहुंची और स्थिति मरने-मारने तक पहुंच गई।
सहजनवा थानाक्षेत्र के रंदौली उर्फ मठिया निवासी संतोष तिवारी उर्फ भोला तिवारी हत्याकांड में अभी तक जो बात सामने आई है वह यह है कि हत्यारोपी आलोक और संतोष के बीच काफी गहरी दोस्ती थी। अपहरण के एक मामले में 12 अप्रैल 2024 को जब पुलिस ने आलोक को पकड़ा तो संतोष ने उसकी काफी मदद की थी। इस केस में आलोक उर्फ रणवीर जेल भी गया था। दोनों के बीच पैसे को लेकर विवाद होता था और मारपीट भी हुई थी। लेकिन यह मामला नहीं बढ़ा। हर मारपीट और घटना के बाद दोनों फिर एक हो जाते थे।
15 जुलाई की शाम 4:34 बजे दोनों के बीच खलीलाबाद की माॅडल शाॅप में जमकर मारपीट हो गई थी। उस दौरान दोनों माॅडल शाॅप में शराब पी रहे थे। शराब पीने के दौरान अचानक संतोष के कुछ साथी आ गए। संतोष ने उस दौरान आलोक को बुरी तरह से पीटा था। इसमें भी कोतवाली खलीलाबाद में हत्या की कोशिश का केस दर्ज हुआ। इस मामले में संतोष जेल गया। यहां तक बात ठीक रही। लेकिन, इसी दौरान तकरीबन 20 दिन बाद माॅडल शाॅप में हुई मारपीट का वीडियो वायरल हो गया।
इस वायरल वीडियो को कई लोगों ने अपने व्हाट्सएप और फेसबुक पर भी पोस्ट कर दिया। इसके बाद आलोक की काफी किरकिरी होने लगी। लोग उसे ताने भी देने लगे। इस वीडियो में संतोष और उसके साथी आलोक सिंह को बुरी तरह से मारते दिख रहे थे। लाइक और कमेंट के चक्कर में सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लोगों ने खूब चलाया। बताते हैं कि वीडियो वायरल होने के बाद आलोक की समाज में बहुत बेइज्जती हुई और उसने संतोष को मारने का प्लान बना लिया। जानकार बताते हैं कि अगर यह वीडियो वायरल नहीं होता तो शायद बात यहां तक नहीं पहुंचती।
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दो आरोपियों की तलाश में छापेमारी
संतोष की हत्या के मामले में पुलिस दो आरोपियों की लगातार तलाश कर रही है। इस मामले में कुल पांच लोगों पर केस दर्ज किया गया था। इसमें से आलोक सिंह उर्फ रणवीर सिंह, अमन सिंह, लल्ला शुक्ला को पुलिस ने दूसरे दिन ही गिरफ्तार करके जेल भिजवा दिया था। वहीं, चंदन सिंह के साथ ही प्रकाश में आए एक अन्य आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
सार्वजनिक अपमान के बाद बिगड़ जाती है व्यक्ति की मनोदशा
एचआरपीजी काॅलेज के समाज शास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ विजय मिश्रा बताते हैं कि सार्वजनिक अपमान सहना मुश्किल होता है। सार्वजनिक अपमान के बाद व्यक्ति की मनोदशा बिगड़ जाती है। लेकिन, इससे उबरने के लिए शांत रहना, गहरी सांस लेना, खुद पर विश्वास करना और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कामों में लगाना जरूरी है। मानसिक स्वास्थ्य पर असर हो तो मदद लें, इसे व्यक्तिगत न लें और अपनी क्षमताओं पर ध्यान दें। जो ऐसा नहीं करता है वह खतरनाक निर्णय भी ले सकता है।
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इस मामले में तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शेष आरोपियों की तलाश की जा रही है। शीघ्र ही वह भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। -सुशील कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक